ISRO: शुक्रवार के लांच में भारत ने छोड़ा एक खास उपग्रह 'आई इन द स्काई'

medhaj news 16 Jan 18,17:36:08 Science & Technology
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चार महीने पहले पीएसएलवी का पिछला प्रक्षेपण (सी-39) नाकाम हो गया था। लेकिन सी-40 को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में पहुंचा कर इसरो ने गलतियों से जल्द सीख लेने की अपनी क्षमता दिखाई है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने एक बार फिर दक्षता और लगन की मिसाल पेश की है। बीते शुक्रवार को उसने अपना सौवां उपग्रह कार्टोसेट-2 प्रक्षेपित कर एक विशेष मुकाम तो हासिल किया ही, साथ में तीस अन्य उपग्रह भी सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किए। कार्टोसेट-2 के साथ छोड़े गए तीस अन्य उपग्रहों में दो भारत के थे और अट्ठाईस उपग्रह अन्य देशों के। एक भारतीय माइक्रो उपग्रह और एक भारतीय नैनो उपग्रह और अट्ठाईस विदेशी उपग्रहों को पीएसएलवी सी-40 प्रक्षेपण यान के जरिए छोड़ा गया। अपनी ईर्ष्या का इज़हार पाकिस्तान ने पीएसएलवी सी-40 के प्रक्षेपण से ठीक पहले किया। पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बेवजह अंदेश जताया कि भारत नए उपग्रहों का उपयोग सैनिक उद्देश्यों से कर सकता है, जिससे “क्षेत्रीय सामरिक स्थिरता भंग होगी।” शुक्रवार के लांच में भारत ने एक खास उपग्रह छोड़ा है जिसका नाम कार्टोसैट-2 है। इसे 'आई इन द स्काई' यानी आसमानी आंख भी कहा जा रहा है। ये एक अर्थ इमेजिंग उपग्रह है जो धरती की तस्वीरें लेता है। इसका भारत के पूर्वी और पश्चिमी सीमा के इलाकों में दुश्मनों पर नजर रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।आज इसरो और हर भारतवासी इस आत्म-विश्वास से ओत-प्रोत है कि इसरो आगे के अपने अभियानों में भी सफल होगा। वैसे ये सच है कि उपग्रह एवं रॉकेट छोड़ने के क्षेत्र में वह दुनिया की सबसे विश्वस्त एजेंसियों में एक बन चुका है। 

 

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