15 साल पहले आज ही के दिन हुई थी भारत की बेटी कल्पना चावला की मृत्यु

medhaj news 1 Feb 18,17:38:44 Science & Technology
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आज ही का वो दिन है जब भारत की पहली महिला अन्तरिक्ष यात्रा करने वाली कल्पना चावला की अंतरिक्ष में मौत होगे थी | 1 फरवरी 2003 को भारतीय मूल की कल्पना चावला अपने अन्य 6 सहयोगियों के साथ अंतरिक्ष से धरती पर लौट रही थी। उनका अंतरिक्ष यान कोलंबिया शटल STS-107 धरती से करीब दो लाख फीट की ऊंचाई पर था। उस वक्त इस यान की रफ्तार करीब 20 हजार किलोमीटर प्रति घंटा थी। अगले 16 मिनट में यह यान अमेरिका के टैक्सस में उतरने वाला था। पूरी दुनिया की निगाहें इन यात्रियों पर टिकी हुई थी। अचानक इस अंतरिक्ष यान से नासा का संपर्क टूट गया और अगले कुछ मिनटों में इसका मलबा टैक्सस राज्य के डैलस इलाके में लगभग 160 किलोमीटर के क्षेत्र में फैल गया।  अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला समेत सातों अंतरिक्ष यात्रियों की मौत हो गई| आज पूरा देश कल्पना चावला की पुण्यतिथि पर उन्हें याद कर रहा है। हरियाणा के एक कस्बे करनाल में जन्मीं, तमाम उतार चढ़ावों से गुजरते हुए कल्पना चावला ने तारों तक का सफर तय किया और खुद एक सितारा बन गई। वह साल 1995 का मार्च महीना था जब कल्पना चावला की जिंदगी का सबसे बड़ा सपना पूरा हुआ। उन्हें पहली अंतरिक्ष उड़ान के लिए चुन लिया गया था।कल्पना चावला का पहला अंतरिक्ष मिशन 19 नवंबर 1997 को शुरू हुआ। उन्होंने 6 अंतरिक्ष यात्रियों के साथ स्पेस शटल कोलंबिया STS-87 से उड़ान भरी। अपने पहले मिशन के दौरान कल्पना ने धरती के 252 चक्कर लगाए और अंतरिक्ष में करीब 372 घंटे का वक्त बिताया। साल 2000 में कल्पना को दूसरे अंतरिक्ष मिशन के लिए चुना गया जो उनकी जिंदगी का आखिरी मिशन साबित हुआ। कई तकनीकि गड़बड़ियों की वजह से इस उड़ान में विलंब होता रहा। अंततः 16 जनवरी 2003 को कल्पना चावला समेत 7 यात्रियों ने कोलंबिया STS-107 से उड़ान भरी। अंतरिक्ष में 16 दिन बिताने के बाद यह क्रू 3 फरवरी 2003 को धरती पर वापस आ रहा था।

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