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14 दिन तक लैंडर विक्रम को बिना किसी सहारे के अकेले चांद पर रहना होगा

Medhaj News 21 Sep 19,17:46:26 Science & Technology
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इसरो ने चंद्रयान-2 पर अपना अपडेट देते हुए कहा है कि वैज्ञानिक लैंडर विक्रम के साथ संचार स्थापित करने में सक्षम नहीं हो सके हैं | लेकिन इसरो प्रमुख के सिवन ने कहा है कि चंद्रयान-2 का आर्बिटर बहुत अच्छा काम कर रहा है | ऑर्बिटर में 8 इंस्ट्रूमेंट्स लगे होते हैं और हर इंस्ट्रूमेंट वही काम करता है जो उसे करना होता है | हमने सभी की जांच की है और सभी बेहतरीन तरीके से काम कर रहे हैं | हमारी अगली प्राथमिकता गगनयान मिशन है | चांद के दक्षिणी ध्रुव पर अंधेरा बढ़ने के साथ ही चंद्रयान-2 से संपर्क साधने की कोशिशों पर विराम लग गया है |





वैज्ञानिक बताते हैं कि चांद पर छाने वाला अंधेरा इतना घना होता है कि वहां पर कोई भी चीज देखना नामुमकिन हो जाता है | ऐसे में इसरो ही नहीं दुनिया की कोई भी स्पेस एजेंसी विक्रम लैंडर की तस्वीर नहीं ले सकेगी | चांद पर ये अंधेरा अगले 14 दिन तक बना रहेगा | ऐसे में अगले 14 दिन तक लैंडर विक्रम को बिना किसी सहारे के अकेले चांद पर रहना होगा | ऐसे में उसके सलामत रहने की उम्मीद न के बराबर हो जाएगी | चांद के दक्षिणी ध्रुव में जिस जगह पर लैंडर विक्रम पड़ा है वहां अगले 14 दिन तक सूरज की रोशनी नहीं पहुंचेगी | ऐसे में चांद का तापमान घटकर माइनस 183 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा | इस तापमान में लैंडर विक्रम को अपने आप को संभालना बेहद मुश्किल होगा | इतने कम तापमान में लैंडर विक्रम के कई इलेक्ट्रॉनिक हिस्से खराब हो जाएंगे | ऐसे में अगर विक्रम लैंडर में रेडियोआइसोटोप हीटर यूनिट लगा होता तो ही वह खुद को बचा सकता था | चांद की सतह पर जिस तरह के हालात बनते जा रहे हैं उससे दोबारा लैंडर विक्रम से संपर्क साधने की सारी उम्मीदें खत्म होती दिख रही हैं |


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