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ब्लैक होल में समां गया तारा, नासा ने शेयर किया वीडियो

Medhaj News 30 Sep 19,21:43:39 Science & Technology
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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें एक तारा सूर्य से 60 लाख ज्‍यादा वजन वाले ब्‍लैक होल (Black Hole) में समाकर चकनाचूर होता हुआ दिख रहा है। दरअसल, इस तारे को ब्‍लैक होल ने अपनी ओर खींचकर टुकड़े-टुकड़े कर दिया। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस ब्रह्मांडीय उथल-पुथल (Cosmic Cataclysm) को ज्वारीय विघटन (Tidal Disruption) कहते हैं। इस विनाशकारी खगोलीय घटना को नासा के उपग्रह ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सैटेलाइट (TESS), नील गेहरेल्स स्विफ्ट वेधशाला और अन्य संयंत्रों की मदद से देखा गया।





नासा ने बताया कि हर 10,000 से 1,00,000 वर्षों में ब्रह्मांड में ज्वारीय विघटन की घटना होती है। अब तक केवल 40 ऐसी घटनाएं देखी गई हैं। अध्ययन के प्रमुख लेखक कैलिफोर्निया की कार्नेगी वेधशाला के थॉमस होलोइन (Thomas Holoien) ने कहा, टीईएसएस की मदद से देखा जा सका कि ASAS-SN-19BT नाम की यह घटना वास्तव में कब शुरू हुई, जिसे हम पहले कभी नहीं देख सके थे। होलोइन के मुताबिक, ऑल स्काई ऑटोमेटेड सर्वे फॉर सुपरनोवा (ASAS-SN) से ज्वारीय विघटन की पहचान की गई। इस वजह से हम शुरुआती कुछ दिन में बहु-तरंगदैर्ध्य (Multi Wavelength) को सक्रिय करके खगोलीय घटना को देखने में सफल हुए। इसको समझने के लिए शुरुआती आंकड़े अहम साबित होंगे।



टीईएसएस ने पहली बार इस खगोलीय घटना (Astronomical Event) को 21 जनवरी, 2019 को रिकॉर्ड किया था। शोध के सह-लेखक और नेशनल साइंस फाउंडेशन में स्नातक शोधकर्ता पैट्रिक वॉलेली ने कहा कि ASAS-SN-19BT की चमक एकदम स्पष्ट थी इससे घटना की ज्वारीय विघटन के रूप में पहचान करने में मदद मिली होलोइन की टीम ने बताया कि दूरबीन की मदद से जिस पराबैंगनी रोशनी का पता चला उसका तापमान महज कुछ दिनों में 40,000 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 20,000 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया उन्होंने बताया कि पहली बार ज्वारीय विघटन के दौरान इतने कम समय में तापमान गिरावट देखी गई है। हालांकि, सैद्धांतिक रूप से इसकी जानकारी पहले से थी।



 


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