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बिना इंजन वाली ट्रेन-18, 2019 में मेट्रो की तरह दोनों ओर से दौड़ेगी

Medhaj news 22 Oct 18,22:43:42 Science & Technology
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भारतीय रेलवे में जल्द ही एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है | रेल ट्रैक पर एक ऐसी ट्रेन दौड़ने जा रही है जो अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी | मेट्रो की तर्ज पर यह दोनों छोर से दौड़ेगी और इसकी स्पीड भी बुलेट की स्पीड से करीब आधी रहेगी | जिस ट्रेन का लोगों को बेसब्री से इंतजार है, वह तैयार हो चुकी है। देशभर में शताब्दी ट्रेनों की जगह चलने वाली आधुनिक ट्रेन जिसे ट्रेन-18 के नाम से जाना जाता है |





ट्रेन-18 का ट्रायल अगले 2 महीनों में दिल्ली-भोपाल रूट पर चलने वाला है। सूत्रों के अनुसार इसी रूट पर देश की सबसे तेज ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है, इसलिए ट्रेन-18 का ट्रायल भी यहीं किया जाएगा। रेलवे बोर्ड से जुड़े सूत्रों के अनुसार ट्रेन-18 का अगला ट्रायल मुंबई-अहमदाबाद रूट पर किया जाएगा। टी 18 ट्रेन में 16 चेयरकार कोच होंगे जिसमें 14 नॉन एग्जीक्यूटिव कोच और 2 एग्जीक्यूटिव कोच होंगे | एग्जीक्यूटिव कोच में 56 यात्री बैठ सकेंगे जबकि नॉन एग्जीक्यूटिव कोच में 78 लोग बैठ सकेंगे | पारंपरिक भारतीय ट्रेनों के इतर टी 18 ट्रेनों में मेट्रो के कोच की तर्ज पर खिड़कियां लगी हैं |





इस ट्रेन में ग्राहकों के लिए सफर को आरामदायक बनाने की खातिर कई इंतजाम किए गए हैं | इसमें ऑटोमैट‍िक डोअर्स, ऑन-बोर्ड वाई-फाई, इंफोटेनमेंट, जीपीएस-आधारित पैसेंजर इंफोर्मेशन स‍िस्टम होगा | इसके अलावा मॉड्यूलर टॉयलेट बायो-वैक्यूम सिस्टम के साथ लगे होंगे | रोटेशनल सीट्स होंगी | इसके साथ ही रोलर ब्लाइंड्स डिफ्यूज्ड एलईडी लाइट‍िंग और विकलांगों की खातिर टॉयलेट्स की व्यवस्था होगी | इस प्रॉजेक्ट के लिए रेल मंत्रालय द्वारा अब तक 120 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जा चुके हैं। ट्रेन सेट की खासियत ही है कम ऊर्जा का दोहन, गति और सुरक्षित। सामान्य मेल एक्सप्रेस ट्रेनों में WAP-5 और WAG-7 में 5500 अश्व शक्ति के वाले इंजन होते हैं, इनकी ऊर्जा खपत ट्रेन सेट या ईएमयू के मुकाबले ज्यादा होती है।



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