भीख: मजबूरी, पेशा या अपराध

Pooja kasana 6 Oct 17,21:52:37 Special Story
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भीख किसी भी समाज और देश के लिए एक कंलक है। हमें हर जगह भीख मांगते हुए बच्चे, बूढ़े, विक्लांग और युवा नजर आ जाएंगे। उनके इस काम को इनकी मजबूरी या पेशा कुछ भी समझ सकते हैं। कानून की नजर में यह एक अपराध है, लेकिन यह अपराध लगातार कम होने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। हर साल भिखारियों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है।

क्या है भीख मांगने के कारण-

हमें हर जगह जैसे- धार्मिक स्थल, बस अड्डा, मेट्रो, आदि स्थानों पर भिखारी देखने को मिल जाते हैं। कुछ लोग उन्हें भीख देकर आगे बढ़ जाते हैं और कुछ उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं... लेकिन कारण कोई नहीं जानना चाहता है।

कुछ कारण जिसके लिए वो ये घृणित कार्य करने को मजबूर है:

-भूख के कारण

-बच्चों का अनाथ होना

-काम न मिलना

-समाज द्वारा अस्वीकृत

-बड़े पैमाने पर भीख का बिजनेस होना

-गरीबी

-कानून का अभाव

जरूरत एक बदलाव की

देश को भिक्षावृत्ति से मुक्ति दिलाने के लिए अपने अंदर बदलाव लाने की जरूरत है, तभी इस बदलाव को मुमकिन कर सकते हैं। तमाम कानून होने के बावजूद भी भिखारी कम होने के बजाय बढ़ते जा रहे है। इसका एक कारण जागरूकता का अभाव है, जिससे इनसे निकले लोगों का पुर्नवास नही हो पाता और यह वापस इसी कार्य में लग जाते हैं।

एक सर्वे के मुताबिक, भिक्षावृत्ति में हर रोज न जाने कितने बच्चों को धकेला जाता है। शायद कुछ लोग जानते भी नहीं है कि इन बच्चों से भीख मंगवाकर लोग बिजनेस कर रहे हैं।

इस अपराध को खत्म करने के लिए सरकारी, गैर- सरकारी संस्थाओं को मिलकर कार्य करने की जरूरत है। समाज के सभी नागरिकों को भी अपना कार्य करना चाहिए और इन लोगों को अपनाना चाहिए। ताकि एक बेहतर समाज की स्थापना हो सके।

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