भारत में कब से मनाया जा रहा है टीचर्स-डे, जानें इसका महत्व

medhaj news  |  Special Story  |  4 Sep 17,14:45:09  |  
radhakrishan.jpg

भारत में 5 सितंबर सन् 1962 से टीचर्स डे मनाया जा रहा है। इस दिन देश के महान शिक्षाविद् और भारत के पूर्व-उप राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्‍णन का जन्म हुआ था। भारत के शिक्षा क्षेत्र में राधाकृष्‍णन जी का बहुत बड़ा योगदान रहा है। उनका कहना था कि एक शिक्षक का दिमाग देश में सबसे बेहतर दिमाग होता है।

एक बार उनके कुछ दोस्त और छात्र उनका जन्मदिन मनाना चाहते थे। जिसपर डॉ. राधा कृष्णन ने कहा कि मेरा जन्मदिन अलग से मनाने की बजाए इसे टीचर्स डे के रूप में मनाया जाएगा तो मुझे गर्व महसूस होगा। इसके बाद से पूरे भारत में इस दिन 5 सितंबर को टीचर्स डे मनाया जाने लगा। इस दिन हम इस महान शिक्षाविद् को याद करते हैं और अपने सभी शिक्षकों को सम्मानपूर्ण शुक्रिया कहते हैं जिन्होंने हमारी जिंदगी में ज्ञान के दीपक को जलाया है।

इसे भी पढ़ें-सुभाष चंद्र बोस की लव स्टोरी! जीवनी लिखवाने के लिए रखी टाइपिस्ट और फिर बना लिया उसे जीवनसाथी...

इस दिन हम अपने शिक्षकों को सम्मान देकर उनका धन्यवाद देते है, तथा उनका मनोबल बढ़ाते है।

हर साल टीचर्स डे मनाया जाता है ये दिन इसलिए भी जरूरी है क्योंकि बच्चों और उनके माता-पिता को एक शिक्षक की समाज में महत्वता समझ में आ पाए, और उन्हें समझ आए कि शिक्षा के बिना उनकी कोई पहचान नहीं हो सकती है। शिक्षक इस समाज का वो हिस्सा हैं जिनके कारण ही इस समाज का निर्माण होता है। 

    मेधज न्यूज़ के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक करें। आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं।

    loading...