Headline



जीवन

Medhaj News 16 Oct 19,17:47:02 Special Story
jeevan2.jpg

सुबह से शाम तक चलता रहता हूँ,

फिर भी अपनी किस्मत से लड़ता रहता हूँ।


एक दिन जागेगी मेरी किस्मत,

रोज़ खुद से ये कहता रहता हूँ।

बहुत रंगीन है ये दुनिया,

लोगो को अक्सर रंग बदलते देखता रहता हूँ।


मेरा कौन सा रंग होगा इनमे,

बस यही एक बात सोचता रहता हूँ।

कहीं ज़िन्दगी कम है,तो किसी की आंखें नम हैं,

बदल पाऊं किसी के गम को ख़ुशी में एक यही ख्वाब देखता रहता हूँ।


कभी-कभी मुश्किल होता है समय को समझ पाना,

इस बहाओ में खुद को संभालता रहता हूँ।

कभी वक्त ज़्यादा लगता है तो कहीं लम्हे कम लगते हैं,

इन लम्हो में कई मुद्दतो तक जीता रहता हूँ।



----(प्रज्ञा शुक्ला)----

    Comments

    • Medhaj News
      Updated - 2019-10-16 16:23:52
      Commented by :Deep ik a kaur

      Its true very nice


    • Medhaj News
      Updated - 2019-10-16 14:51:56
      Commented by :Amir

      Very nice......


    • Medhaj News
      Updated - 2019-10-16 14:37:01
      Commented by :Rajeev Kumar

      Very nice lines....


    • Medhaj News
      Updated - 2019-10-16 14:03:51
      Commented by :Punit Kumar chauhan

      Nice poem


    • Medhaj News
      Updated - 2019-10-16 13:24:45
      Commented by :Siraj

      Very nice..


    • Medhaj News
      Updated - 2019-10-16 13:00:19
      Commented by :Anil kumarl

      Good poem.


    • Medhaj News
      Updated - 2019-10-16 12:24:59
      Commented by :Bhawana Maurya

      Waah-Waah......Very Beautiful Lines.


    • Load More

    Leave a comment



    Similar Post You May Like

    Trends