“माँ” - ये जीवन है तुमसे ही

Medhaj News 13 Mar 19,20:42:17 Special Story
mother1.png

नवजीवन गर्भ में धारण करने वाली धारिणी है माँ,

सदा ही आदर और प्रेम की अधिकारिणी है माँ;

लोग पत्थर में ढूँढते हैं ईश्वर की सूरत,

ध्यान से देखो तो धरती पर, शरीररूपी ईश्वर की अवतारिणी है माँ।



अपना सब कुछ हरकार जीतती है अपनी सन्तानों को,

अपनी संतान के लिए सदा ही कृपालिनी है माँ;

अपने अस्तित्व को ही भूल जाती है अपनी संतान के लिए,

उनको पावन करने वाली मन्दाकिनी है माँ।





संतान का सुख ही सर्वोपरि होता है उसके लिए,

इसीलिए संतान के लिए सदा ही दुःखहारिणी है माँ;

खुद को छोड़, रखती है ख्याल सबका,

पूरे घर की दिनचर्या ध्यान रखने वाली समय-सारिणी है माँ।



स्वार्थपूर्ति के पश्चात्, संतान भूल जाती है माँ के एहसानों को,

नहीं ऐसे तिरस्कार की अधिकारिणी हैं माँ;

मातृभक्ति से बड़ा पुण्य होता नहीं कोई,

भवसागर पार लगाने वाली तारिणी है माँ।



(धारिणी- धारण करने वाली, मन्दाकिनी- स्वर्ग की गंगा, दुखहारिणी- दुःख दूर करने वाली, समय-सारिणी: तालिका याद रखने के लिए, तारिणी- उद्धार करने वाली)



--(भावना मौर्य)--


    Comments

    • Medhaj News
      Updated - 2019-03-14 12:05:29
      Commented by :Vartika

      Right ma'am


    • Medhaj News
      Updated - 2019-03-13 20:48:23
      Commented by :Arti Maurya

      Wow.... Awesome lines


    • Medhaj News
      Updated - 2019-03-13 20:25:17
      Commented by :Farheen

      Waah nice ma'am


    • Medhaj News
      Updated - 2019-03-13 17:16:46
      Commented by :Kaushiki

      Well said maam


    • Medhaj News
      Updated - 2019-03-13 16:17:10
      Commented by :'Dolly Pandey

      Noone is greater than mother...Well narrated ma'am...


    • Medhaj News
      Updated - 2019-03-13 15:57:12
      Commented by :Rajeev

      Very nice lines..


    • Medhaj News
      Updated - 2019-03-13 15:55:31
      Commented by :Amir

      Nice...


    • Load More

    Leave a comment


    Similar Post You May Like