RBI ने बताया मई में मिले 2000 के नोट छापने के निर्देश, लेकिन नोटबंदी का अंदेशा नहीं था!

मेधज न्यूज़  |  Special Story  |  10 Jan 17,13:36:32  |  
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भारतीय रिजर्व बैंक ने बताया है कि, उसे मई में ही 2000 रूपए के नोट छापने के निर्देश मिल गए थे। ताजा जानकारी में आरबीआई ने बताया कि सेंट्रल बोर्ड ने 2000 रूपए के नए नोट छापने की मंजूरी मई 2016 में दे दिए थे। हालांकि, आरबीआई ने कहा कि, 500 और 1000 रूपए के नोट बंद करने को लेकर किसी तरह की चर्चा नहीं हुई थी। एख आरटीआई के जवाब में आरबीआई ने बताया कि, सेंट्रल बोर्ड ने 2000 रूपए के नए नोट छापने की मंजूरी 19 मई 2016 में ही दे दिए थे।

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आरटीआई के जवाब में कहा गया है कि, मई 2016 में बोर्ड मीटिंग दौरान 500 और 1000 रूपए के पुराने नोटों को बंद करने को लेकर किसी तरह की चर्चा नहीं हुई। इसके अलावा 7 जुलाई औऱ 11 अगस्त की बैठक में भी इस बात पर चर्चा नहीं हुई थी। आरबीआई ने बताया कि, 2000 रूपए के नए नोट छापने की मंजूरी मिल गई थी। उस वक्त आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन थे।

नोटबंदी के बाद 60 लाख खातों में जमा हुए 2-2 लाख रूपए से ज्यादा

मिली जानकारी के मुताबिक, नोटबंदी के बाद 60 लाख से ज्यादा खातों में 2-2 लाख रूपए से ज्यादा के कैश जमा किए गए हैं। एक अधिकारी के मुताबिक, नोटबंदी के बाद अघोषित आय का 3 से 4 लाख करोड़ रूपए बैंको में जमा हुए हैं। इस मामले में आयकर विभाग जांच कर रही है। अधिकारी के मुताबिक, लोगों ने 80,000 करोड़ रूपए लोन के कैश के तौर पर लौटाए। वहीं निष्क्रिय खातों में नोटबंदी ने जान डाल दी। नोटबंदी के बाद निष्क्रिय खातों में 25,000 करोड़ रूपए से ज्यादा जमा किए गए।

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इसके अलावा आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय की ओर से कोऑपरेटिव बैंको के विभिन्न खातों में जमा किए गए 16,000 करोड़ रूपए से ज्यादा की रकम की जांच कर रही है। उत्तर-पूर्व राज्यों के विभिन्न अकाउंट में 9 नवंबर के बाद 10700 करोड़ रूपए कैश के रूप में जमा हुए।

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