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जब लिखेंगे.....फ़िर मुस्कुरायेंगे!!

Medhaj News 28 Jun 19,21:42:32 Special Story
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खामोशियों को समेट कर,

हम एक किताब बनायेंगे,

जो नहीं कहा है लफ्जों में,

वो कागजों में सजायेंगे;

कुछ नगमें, कुछ नज्में,

कुछ किस्से-कहानियाँ;

कुछ पल वो रूहानी से,

कुछ जीवन की वीरानियाँ;


कुछ यादें, कुछ वादें,

कुछ प्यार भरी नादानियाँ;

जब लिखेंगे, तब फ़िर जियेंगे

और मुस्कुरायेंगे।

☆☆☆☆☆

कुछ अपने, कुछ सपनें,

कुछ बातें अनकहीं सी;

वो पल थे सुनहरे,

जब न मुलाकातें थम रही थीं;


कुछ राज दिल के गहरे,

वो न भूलने वाले चेहरे;

वो बोलती निगाहें,

मेरे लिए फैली हुई वो बाहें;

एक बार फिर से,

हमारी नज़्मों में आएंगे;

जब लिखेंगे, तब फ़िर जियेंगे

और मुस्कुरायेंगे।


☆☆☆☆☆

सिर्फ रास्तें थें, तब मंजिल का-

सोचता ही था कौन?

तब बिना बोले ही,

सब कह जाता था मेरा मौन;

जब रात-दिन की परवाह,

होती किसे थी जानी;

बस अल्हड़पन था मुझमें और,

बच्चों सी थी मनमानी;


एक बार फिर उन पलों में,

वापस हम जायेंगे;

जब लिखेंगे, तब फ़िर जियेंगे

और मुस्कुरायेंगे।

☆☆☆☆☆

न ख्वाहिशें हैं ज्यादा,

न अब बंदिशों की दीवार है;

फिर न जाने क्यों मुझे,

इस अकेलेपन से अब प्यार है;


शायद यही है ऐसा,

जो साथ रहेगा हमेशा,

तो इस अकेलेपन से,

अब दूर भागना कैसा?

खामोशियों और कलम को,

हम अपना साथी बनायेंगे;

जब लिखेंगे, तब फ़िर जियेंगे

और मुस्कुरायेंगे।


☆☆☆☆☆


----(भावना मौर्या)----

    Comments

    • Medhaj News
      Updated - 2019-06-30 23:46:11
      Commented by :Jeetu

      Beautiful n Touchy Lines... Well Done...


    • Medhaj News
      Updated - 2019-06-29 11:01:47
      Commented by :Vaishali

      Gazab


    • Medhaj News
      Updated - 2019-06-28 18:18:27
      Commented by :Mohd. Amir

      Very Nice.....


    • Medhaj News
      Updated - 2019-06-28 16:40:47
      Commented by :Bhavna Tiwari

      Beautiful Lines Ma'am...


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