सीरीज से सबक सीखा, कभी भी भारत को कम मत समझना: लैंगर

यह हमें बहुत दिनों तक तकलीफ देगा। भारत पूरा श्रेय पाने का हकदार है, लेकिन हमने इससे सबक सीखा है। ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कोच जस्टिन लैंगर ने कहा। 

अनुभवहीन और चोट से जूझ रहे भारत से हरने के बाद, 19 जनवरी को ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कोच जस्टिन लैंगर ने कहा कि एक बड़ा सबक जो उन्होंने इस झटके से सीखा है, वह है कभी भी कम नहीं समझना उस देश के वास्तव में टफ खिलाडियों को। लैंगर ने भारत को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीतने के लिए शेर-दिली से प्रयास करने के लिए सराहा, विशेष रूप से एडिलेड में जब श्रृंखला के सलामी बल्लेबाज नहीं चले थे और तीन दिनों के अंदर खेल समाप्त हो गया था। उस मैच में दूसरी पारी में भारत का सबसे कम टेस्ट स्कोर 36 था।

“यह एक अविश्वसनीय टेस्ट सीरीज़ थी और अंत में हमेशा विजेता या हारने वाला होता है। आज टेस्ट क्रिकेट विजेता है। भारत पूरा श्रेय पाने का हकदार था, लेकिन हमने इससे सबक सीखा है। लैंगर ने एक चैनल से बात करते हुए कहा।

वहीं दूसरी और भारतीय खेमे में जश्न का माहौल है। भारतीय टीम ने सराहनीय प्रदर्शन करते हुए सीरीज जीत ली, इस जीत की यह खासियत है की इसमें भारतीय टीम के मुख्य खिलाडी चोटिल हो गए थे, जसप्रीत बुमराह, शमी, इशांत, जडेजा, उमेश और विराट के घर नए मेहमान के आने की वजह से वह भारत वापस आ गए हैं।







इस जीत के नायक की बात करे तो एक का नाम काफी नहीं है शायद पंत, पुजारा, रहाणे, गिल और सुन्दर सब इसके हक़दार है। पर यह नए खिलाडी जिस ओर इशारा कर रहे है तो वहां से सिर्फ एक ही नाम निकल कर सामने आ रहा है। 

जी हाँ सबने राहुल द्रविड़ को अपने खेल में सुधार लाने के लिए जिम्मेदार ठहराया है। अपने खेल में और खुद पर विश्वास को बढ़ाने में राहुल द्रविड़ ने इन खिलाडियों की मदद की है। पंत ने कहा है की द्रविड़ की मदद से ही वह अपने खेल में सुधार ला पाए हैं। तो इन खिलाडियों की बातों को सुनकर ऐसा लगता है की द्रविड़ निःसंदेह इस जीत के लिए बधाई के पात्र है।  


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