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ये कैसी-कैसी ज़िन्दगी...?

Medhaj News 18 Oct 19 , 06:01:39 Sports
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जिसे देखो, जी रहा है आजकल 'औपचारिक ज़िन्दगी',

'व्यक्तिगत' खुशियों का यहाँ कोई मोल ही नहीं है,

बस रह गयी है नाम की 'सांसारिक ज़िन्दगी'।


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जब स्वार्थ पड़े, तो गले लगा लो;

जब मतबल ख़त्म, तो पीठ दिखा दो;

आजकल चल रही है ऐसी ही 'व्यवहारिक ज़िन्दगी'।

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संयुक्त घर-परिवार टूट कर, बिखरते जा रहे हैं,

बच्चे बुजुर्गों के सानिध्य को, तरसते जा रहे हैं;

खोती जा रही है अपनों से सजी हुई 'पारिवारिक ज़िन्दगी'।


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शतरंज की बिसात की तरह लोग बिखरे हैं यहाँ,

क्योंकि धन-दौलत की चाहत में उन्होंने दे दी है,

किसी और के हाथों में अपनी 'आधिकारिक ज़िन्दगी'।

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अब लोग रिश्तें जोड़ते हैं, नफा-नुकसान देखकर;

सच्चा प्रेम भी कहीं-कहीं ही, मुश्किल से दिखता है यहाँ,

वरना रह गयी है, बस सौदों से भरी 'व्यापारिक ज़िन्दगी'।


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महलों के सुख में भी तब व्यक्ति का चैन खोने लगता है,

प्रतिपल घुटन सा उसे महसूस होने लगता है,

जब कोई नहीं जी पाता है, अपने 'मनमाफिक जिंदगी'।

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सारे रिश्ते-नाते अब मोबाइल पर चल रहे हैं,

रिश्तें निभाने वाले, हर दिन, हर पल अपने रंग बदल रहे हैं;

सोशल मीडिया पर चलती है, अब सबकी 'सामाजिक ज़िन्दगी'।


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नहीं पड़ना मुझे दिखावे में, नहीं आना किसी के बहकावे में;

नहीं चाहिए मुझे ये धन-दौलत, मुझे रहना है अपनों के साये में;

मुझे जीने दो मेरी यही 'अनौपचारिक ज़िन्दगी'।

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मेरी चाहत है कि लोगों के ज़हन में अच्छी याद बनकर रहूँ,

हर रिश्तें में दिल से वफा ही करुँ,

चाहे मिले लम्बी या 'अल्पकालिक ज़िन्दगी'।


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-------(भावना मौर्य)


    Comments

    • Medhaj News
      Updated - 2019-10-18 20:54:34
      Commented by :Harshita Srivastava

      Nice poem


    • Medhaj News
      Updated - 2019-10-18 12:54:57
      Commented by :Pawan Tiwari

      Very Nice Poem...!


    • Medhaj News
      Updated - 2019-10-18 12:49:40
      Commented by :Bhavna Tiwari

      Reality Nowdays... Very well written


    • Medhaj News
      Updated - 2019-10-18 12:46:38
      Commented by :Manas

      Good gollection of thoughts.


    • Medhaj News
      Updated - 2019-10-18 12:44:24
      Commented by :Anil kumarl

      Poem is wonderful.☺️☺️


    • Medhaj News
      Updated - 2019-10-18 12:40:50
      Commented by :Mohd. Amir

      Nice.......


    • Medhaj News
      Updated - 2019-10-18 12:38:40
      Commented by :Pragya Shukla

      Nice poem


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