अब भारतीय सेना हुई और ताकत वर, मिली नई तोपे

Medhaj news 9 Nov 18 , 06:01:38 Sports
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सीमा पर बढ़ती चुनौतियों के बीच लगातार भारतीय सेना अपना किला मजबूत कर रही है | इसी क्रम में शुक्रवार को सेना को कुछ ऐसे हथियार मिले, जिससे दुश्मन हिल सकता है | शुक्रवार को सेना के बेड़े में 'के. 9 वज्र (कोरियन) और एम 777 होवित्जर (अमेरिकन)' तोप शामिल हो गईं | इससे भारतीय सेना की आर्टिलरी क्षमता बढ़ेगी | बोफोर्स तोप के बाद भारतीय सेना में तीन दशक लंबा इंतजार आज खत्म होने हो गया है। K9 वज्र और M777 होवित्जर तोपों के शामिल होने से सेना की ताकत और बढ़ गई। पाकिस्तान और चीन सीमा पर बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए इन तोपों की महत्ता बढ़ जाती है। करगिल युद्ध के समय भी काफी ऊंचाई पर बैठे दुश्मनों को निशाना बनाने के लिए ज्यादा दमदार तोपों की जरूरत महसूस की गई थी |

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक के. 9 वज्र को 4,366 करोड़ रुपये की लागत से शामिल किया जा रहा है, यह कार्य नवंबर 2020 तक पूरा होगा | कुल 100 तोपों में 10 तोपें प्रथम खेप के तहत इस महीने आपूर्ति की जाएगी | अगली 40 तोपें नवंबर 2019 में और फिर 50 तोपों की आपूर्ति नवंबर 2020 में की जाएगी | के. 9 वज्र की प्रथम रेजीमेंट जुलाई 2019 तक पूरी होने की उम्मीद है | यह ऐसी पहली तोप है जिसे भारतीय निजी क्षेत्र ने बनाया है | इस तोप की अधिकतम रेंज 28 - 38 किमी है | यह 30 सेकेंड में तीन गोले दागने में सक्षम है और यह तीन मिनट में 15 गोले दाग सकती है | थल सेना ‘‘145 एम 777 होवित्जर’’ की सात रेजीमेंट भी बनाने जा रही है |

के9 वज्र के अलावा एम 777 अल्ट्रालाइट होवित्जर तोप भी सेना के बेड़े में शामिल हो रहा है | यह प्रोजेक्ट 5000 करोड़ रुपये का है, भारतीय सेना की आर्टीलरी रेजीमेंट में वर्ष 2021 तक कुल 145 एम-777 अल्ट्रालाइट होवित्जर शामिल होंगी | इसका वजन केवल 4.2 टन है |

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