बिजली क्षेत्र में वितरण कंपनियों की लागत पर सब्सिडी देने की व्यवस्था खत्म हो: अमिताभ कांत

Medhaj News 23 Nov 17,21:40:01 Uday Yojana
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नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अमिताभ कांत बिजली सब्सिडी नीति में बड़ा बदलाव करने वाले है। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा  कि वितरण कंपनियों की लागत पर सब्सिडी देने की व्यवस्था खत्म हो और उपभोक्ताओं के एक वर्ग को सस्ती बिजली और दूसरे वर्ग से ऊंचा मूल्य वसूलने की क्रास सब्सिडी व्यवस्था भी बंद हो।

बिजली सब्सिडी नीति में बदलाव के तहत उपभोक्ताओं को सब्सिडी सीधे उनके खाते में भेजी जाएगी। अमिताभ कांत ने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के तहत दी जाने वाली बिजली सब्सिडी को आधार से जोड़ा जाए और बजली वितरण में तकनीकी व वाणिज्यक नुकसान रोकने के लिए फीडर लाइनों की निगरानी सख्त करने की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में पायलट परियोजना गोवा में चलाई जा रही है।

India Energy Forum ार्यक्रम में कांत ने दिया इन मुद्दों पर जोर

बिजली उद्योग के सम्मेलन ‘India Energy Forum’ के कार्यक्रम में कांत ने कहा, ‘‘बिजली क्षेत्र की मजबूती के लिए वितरण कंपनियों का मजबूत होना जरूरी है। इसके लिए जरूरी है कि इसमें निजी कंपनियों को लाया जाए।’’  उन्होंने कहा, कि सतत रूप से 9 से 10% आर्थिक वृद्धि हासिल करने में बिजली क्षेत्र  की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

उदय योजना की सफलता के लिए फीडरों पर रखी जाए नजर

अमिताभ कांत ने कहा, “देश में बिजली वितरण की बेहतर व्यवस्था और सभी घरों को बिजली पहुंचाने के लिए फीडरों पर नजर रखने की जरूरत है और इसके बिना उदय योजना के जरिए भी वितरण नुकसान को कम नहीं कर सकते।”

उन्होंने कहा कि उदय योजना के बावजूद वितरण कंपनियों का तकनीकी और वाणिज्यिक नहीं सुधरा है बल्कि यह और बिगड़ा है और इसके लिए फीडर पर नजर रखने की जरूरत है। उदय योजना के तहत बिजली वितरण कंपनियों को वित्तीय रूप से पटरी पर लाने की योजना है। उदय योजना की सफल बनाने के लिए जरूरी है कि फीडरों पर करीबी नजर रखी जाए।

गौरतलब है कि गांवों में 1.22 लाख फीडर हैं लेकिन केवल चार हजार पर ही नजर रखी जा रही हैं। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में 32,168 फीडर में से केवल 80 प्रतिशत पर ही नजर रखी जा रही है।

 

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