सियासी घमासान के बीच आज होगा राम किशन का अंतिम संस्कार

Medhajnews 3 Nov 16,09:48:55 Uttar Pradesh
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वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर पूर्व सैनिक राम किशन की आत्महत्या के मामले ने कल बुधवार को सियासी घमासान मचाया। मंगलवार को उन्होंने जहर खा कर आत्महत्या कर ली। जिसके बाद देर रात राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

बुधवार का दिन सियासी बवाल के बीच गुजरा। कांग्रेस उपाध्यक राहुल गांधी पूर्व सैनिक के परिवार वालों से मिलने अस्पताल पंहुचे, जहां पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक लिया। काफी देर विरोध के बाद राहुल को हिरासत में ले लिया गया था।

वहीं बुधवार देर रात राम किशन का शव पोस्मार्टम के बाद उनके पैतृक गांव बामला ले जाया गया। आज वहां उनका अंतिम संस्कार होगा। उनके अंतिम संस्कार में राहुल गांधी व अरविंद केजरीवाल शामिल होंगे।

आइए जानते हैं... कौन है राम मनोहर ग्रोवाल

साल 2008 में 28 साल की सेना की नौकरी से रिटायर होकर राम किशन अपने गांव बामला वापस आ गए। लेकिन उनकी रिटायरमेंट यहां नहीं हुई। आर्मी से रिटायर होने के बाद उन्होंने अपने गांव बामला की कायापलट कर दी।

वह अपने गांव के सरपंच रह चुके थे। सरपंच रहते हुए उन्होंने गांव में लड़कियों के लिए स्कूल बनवाया, पानी के लिए जलाश्य बनवाये वहीं नरेंद्र मोदी के शौच से मुक्त अभियान के तहत अपने गांव में शौचालयों का निर्माण करवाया। शायद यहीं कारण था कि बामला गांव को निर्मल ग्राम पुरस्कार मिला। निर्मल गांव पुरस्कार उन गांव को दिया जाता है, जो पूरी तरह से स्वच्छ और शौच मुक्त हों।

साल 2008 में पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने उन्हें निर्मल ग्राम पुरस्कार दिया।

क्यों की खुदकुशी

वह वन रैंक वन पेंशन मुद्दे पर सरकार के फैसले से असहमत थे। इसलिए सोमवार को जंतर-मंतर पर अपने कुछ साथियों के साथ धरने पर पंहुचे थे। यहां तक कि उन्होंने अपने सुसाइट नोट में वन रैंक वन पैंशन का जिक्र किया था। उन्होंने लिखा, “मैं अपने देश, मातृभूमि और जवानों के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर रहा हूं।”

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