आने वाले समय में 30 प्रतिशत बैंक कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा, जानें बड़ी वजह

medhaj news  |  World  |  14 Sep 17,13:43:50  |  
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आधुनिकीकरण का खतरा सिर्फ आईटी सेक्टर पर नहीं बल्कि बैंकिंग सेक्टर पर भी मंडराने लगा है। सिटीग्रुप इंक सीईओ रह चुके विक्रम पंडित का मानना है कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास से आने वाले 5 सालों में 30 प्रतिशत बैंकिंग जॉब्स खत्म हो जाएंगी।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कुछ सालों में आर्टिफि‍सियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स के आने से बैंकों में कर्मचारियों की जरूरत बैंक में कम हो जाएगी। इसकी शुरुआत अभी भी देखी जा सकती हैं, क्योंकि मौजूदा समय में लोग बैंक ना जाकर इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग सेवा का प्रयोग करने लग गए हैं।

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इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विश्व की सबसे बड़ी फर्म वॉल स्ट्रीट भी मशीन संचालन और क्लाउड कंप्यूटिंग सहित नए प्रौद्योगिकियों का उपयोग कर रही हैं, ताकि वे अपने संचालन को स्वचालित कर सकें, इससे मैन पॉवर की डिमांड घट रही है और एम्प्लाई को नई जॉब खोजने के लिए जद्दोजहद करनी पढ़ रही है।

गौरतलब है कि 016 की एक रिपोर्ट के मुताबिर खुदरा बैंकिंग में ऑटोमेशन के आने से 2015 और 2025 के बीच में 30% लोगों की मांग कम हुई है, जिसके चलते अमेरिका में कुल 770,000 लोगों को पूर्णकालिक नौकरी छोड़नी पड़ी और यूरोप में लगभग 10 लाख लोगों की नौकरी चली गई।

 

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