चीन की सिल्क रूट प्रोजेक्ट और रेल परियोजनाओं पर छाया संकट, पाकिस्तान में राष्ट्रपति की आर्थिक छवि को लगा धक्का

Medhaj News 13 Nov 17,17:24:00 World
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चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आर्थिक नीतिगत छवि को धक्का पहुंच सकता है क्योंकि चीन के महत्वाकांक्षी सिल्क रोड प्रोजेक्ट पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं और इंडोनेशिया में एक रेल परियोजना अटकी पड़ी है,  वहीं पाकिस्तान में आर्थिक गालियारा चरमपंथी खतरे से जूझ रहा है।

सिल्क रूट के साथ जुड़ते कई देश-

शी जिनपिंग की बेल्ट एंड रोड परियोजना की परियोजना करीब 65 देशों तक विस्तृत है। लेकिन जमीनी हालात देखें तो इस परियोजना में कई रोड़े दिख रहे हैं। यह परियोजना आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों, तानाशाही शासन एवं उथल-पुथल वाले लोकतांत्रिक देशों के बीच से गुजरती है। इसके अलावा इसे कई भ्रष्ट नेताओं और स्थानीय लोगों के विरोध के कारण संकट का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ऐसी किसी अड़चन से इनकार करती हैं। वह कहती हैं कि यह परियोजना बेहद सुचारू ढंग से आगे बढ़ रही है।

शी जिनपिंग ने चीन को अफ्रीका, एशिया और यूरोप से बंदरगाहों, रेलवे, सड़क और औद्योगिक पार्कों के जरिये जोड़ने की 'वन बेल्ट, वन रोड' योजना को 2013 में शुरू किया था। इस परियोजना की काफी सराहना की गई थी। कई विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस परियोजना पर एक हजार अरब डॉलर खर्च होगा। CSIS ( Centre for strategic and international studies) के Think Tank Murray Heybert के अनुसार, ऐसे देशों में बुनियादी ढांचों का निर्माण काफी जटिल होता है। चीन को जमीन अधिग्रहण समस्याओं, फंड जुटाने और तकनीकी मुद्दों से जूझना होगा।

इंडोनेशिया में शुरू भी नहीं हुई रेल परियोजना

इंडोनेशिया में बीजिंग ने यहां की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना का ठेका सितंबर 2015 में ही हासिल किया था, लेकिन दो साल बीतने के बाद भी जर्काता और बांदुंग को जोड़ने वाली इस रेललाइन पर काम महज शुरू ही हुआ है।

चीन- पाक आर्थिक गलियारा संकट में

पाकिस्तान में चीन-पाक आर्थिक गलियारे को बलूचिस्तान में खासे विरोध का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग जहां इसके खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं चरमपंथी हमलों पर खतरा बना हुआ है। पिछले ही महीने ग्वादर बंदरगाह के पास ग्रेनेड हमला हुआ था, जिसमें कम से कम 26 लोग घायल हो गए थे।

 

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