हलीमा याकूब बनी सिंगापुर की पहली महिला राष्ट्रपति

Medhaj News  |  World  |  13 Sep 17,13:29:43  |  
halima.jpg

सिंगापुर संसद की पूर्व स्पीकर ‘हलीमा याकूब’ सिंगापुर की पहली महिला राष्ट्रपति बन गई हैं। बुधवार को निर्वाचन अधिकारी की ओर से उनके इकलौते योग्य उम्मीदवार होने की घोषमा के बाद उन्हें राष्ट्रपति चुन लिया गया है।

बता दें, बहुसांसकृतिक देश में विशिष्टता को मजबूत करने के लिए सिंगापुर की संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार इस बार राष्ट्रपति मलय मूल के समुदाय से चुना जाता था। इस अल्पसंख्यक समुदाय के उम्मीदवारों के लिए राष्ट्रपति पद आरक्षित था। इकलौती उम्मीदवार होने के नाते उन्हें राष्ट्रपति चुन लिया गया है।

हलीमा ने निर्वाचन विभाग के कार्यालय में कहा, “यह एक आरक्षित चुनाव है, लेकिन मैं एक आरक्षित राष्ट्रपति नहीं हूं। मैं देश के सभी नागरिकों की राष्ट्रपति हूं।” 

हलीमा बिंते याकूब का जन्म 23 अगस्त 1954 में हुआ। वे सिंगापुर की एक मलय राजनीतिज्ञ और सिंगापुर की सत्तारूढ़ पीपुल्स एक्शन पार्टी की भारतीय मूल की सदस्या हैं। उन्हें 14 जनवरी, 2013 को सिंगापुर की संसद का अध्यक्ष चुना गया। सिंगापुर के गणतांत्रिक इतिहास में वह यह पद संभालने वाली वे पहली महिला थी। हलीमा ने माइकल पाल्मर का स्थान लिया जिन्होंने विवाहेत्तर सम्बन्धों के कारण 12 दिसंबर 2012 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इससे पूर्व वे सामुदायिक विकास, युवा और खेल मंत्रालय में राज्य मंत्री रह चुकी हैं। वे 2001 के बाद से लगातार सिंगापुर के जुरोंग समूह के प्रतिनिधित्व निर्वाचन क्षेत्र से सांसद हैं।  

    मेधज न्यूज़ के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक करें। आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं।

    loading...