अपना और बेटे का बंगला बचाने मुलायम सिंह पहुंचे CM योगी के पास

Medhaj news 17 May 18,18:10:31 World
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यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री व आजमगढ़ के सांसद मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। बताया जा रहा है उनकी यह मुलाकात अपना व अखिलेश का सरकारी मकान बचाने को लेकर थी। मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पांच कालीदास मार्ग पर उनसे मिलने पहुंचे। उनकी यह मुलाकात करीब आधे घंटे तक चली। यह भी बताया जा रहा है कि मुलायम सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के कहने पर मुख्यमंत्री से मिलने गए। मुलाकात के दौरान जो मुख्य बातें रही हैं वह चार और पांच विक्रमादित्य मार्ग का आवास जिसमें अखिलेश व मुलायम रहते उसको नेता प्रतिपक्ष विधानसभा रामगोविंद चौधरी और नेता विधान परिषद अहमद हसन के नाम आवंटित करने पर चर्चाएं हुई हैं।
योगी से मुलायम की मुलाकात बुधवार को राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई। यूं तो योगी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से मुलायम की यह उनसे तीसरी मुलाकात थी, लेकिन व्यक्तिगत रूप से पहली। इससे पहले योगी के शपथ ग्रहण समारोह में वह अखिलेश के साथ पहुंचे थे। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन पर मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए रात्रिभोज में भी मुलायम शामिल हुए थे।

मुलायम सिंह यादव के इस फॉर्मूले पर मुख्यमंत्री ने अगर निर्देश दिया तो इनके सरकारी आवास बच सकते हैं। यूपी में पूर्व मुख्यमंत्रियों के नाम पर सरकारी बंगले हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2015 में भी पूर्व मुख्यमंत्रियों से सरकारी बंगला खाली कराने का आदेश दिया था। उस समय तत्कालीन समाजवादी सरकार ने कानून बनाकर इसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून को रद कर दिया है। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगला खाली करना पड़ेगा।  सूत्रों के अनुसार इस बीच मुलायम सिंह ने यह जानना चाहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों का आवास बचाने के लिए सरकार क्या कर रही है? ध्यान रहे, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित विशाल आवास उनसे खाली कराने का आदेश दिया है। मुलायम ने अपने साथ ही बेटे अखिलेश को बतौर पूर्व मुख्यमंत्री आवंटित आवास भी न खाली कराने का योगी से आग्रह किया।
यूपी में पूर्व मुख्यमंत्रियों में मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव, मायावती, राजनाथ सिंह, कल्याण सिंह के नामों पर सरकारी बंगले आवंटित हैं। दरअसल लोक प्रहरी नामक संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में इस मसले को लेकर याचिका दायर कर रखी है। सुप्रीम कोर्ट पहले भी उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर चुका है।

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