गंगा की अविरलता और निर्मलता को बनाए रखने के लिए अनशन कर रहे स्वामी सानंद का निधन

Medhaj news 11 Oct 18,21:49:32 World
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गंगा की अविरलता और निर्मलता को बनाए रखने के लिए विशेष एक्ट पास कराने की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद का आज दोपहर बाद एम्स ऋषिकेश में निधन हो गया।एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने इस बात की पुष्टि की है | डाॅक्टरों के मुताबिक कमजोरी और हार्ट अटैक से स्वामी सानंद का निधन हुआ है।बुधवार को स्वामी सांनद को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था।लगातार114 दिन से अनशन पर बैठे स्वामी सांनद ने मंगलवार को जल भी त्याग दिया था। स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद 22 जून से गंगा के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर अनशनरत थे।

स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल ने गंगा रक्षा के लिए अपनी तरफ से तैयार ड्राफ्ट के आधार पर एक्ट बनाने के लिए केंद्र सरकार को नौ अक्तूबर तक का समय दिया था। मांग पूरी न होने पर वह दस अक्तूबर से जल त्यागकर अनशन पर बैठ गए थे।स्वामी सानंद ने 13 जून को प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था, लेकिन पत्र का कोई जवाब न आने पर वह 22 जून को अनशन पर बैठ गए थे। कुछ दिनों बाद प्रशासन ने उन्हें जबरन उठाकर एम्स में भर्ती कराया था।

कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उन्हें वापस मातृसदन छोड़ा गया था। केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने मातृसदन में स्वामी सानंद ने मिलकर अनशन समाप्त करने की अपील की थी। इस बीच उन्हें कई बार एम्स में भर्ती कराया गया, लेकिन स्वामी ने अनशन नहीं तोड़ा।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश को स्वामी सानंद अपना शरीर दान कर गए हैं। उनकी इस इच्छा का सम्मान करने के लिए एम्स प्रशासन जुट गया है। एम्स में डीन डॉ विजेंद्र सिंह ने बताया कि जब स्वामी सानंद स्वस्थ थे तो उन्होंने अपना शरीर एम्स को दान करने के लिए संकल्प पत्र हमें भिजवाया था। इस संकल्प पत्र का एम्स प्रशासन पालन करेगा और स्वामी सानंद की इस इच्छा का पूरा सम्मान किया जाएगा।

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