येदियुरप्पा बने कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री, कांग्रेस पहुंची सुप्रीम कोर्ट

Medhaj news 17 May 18,16:11:38 World
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बीएस येदियुरप्पा को राजभवन में राज्यपाल वजूभाई वाला ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। येदियुरप्पा कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। यह तीसरी बार है जब येदियुरप्पा को कर्नाटक के मुख्यमंत्री की कुर्सी मिली है। उनके स्वागत के लिए राजभवन के बाहर ज़बरदस्त तैयारियां की गई। जगह-जगह ढोल-नगाड़े बज रहे थे। आज सिर्फ येदियुरप्पा ने ही शपथ ली। मंत्रिमंडल का शपथग्रहण विधानसभा में फ़्लोर टेस्ट के बाद होगा। वहीं इससे पहले कर्नाटक का नाटक सुप्रीम कोर्ट में रात भी चला। सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस की शपथ को टालने की मांग मानने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने फ़ैसले में कहा कि वो राज्यपाल को आदेश नहीं दे सकते और शपथ पर रोक नहीं लगाई जा सकती ह।

शपथग्रहण रोकने के लिए कांग्रेस पहुंची सुप्रीम कोर्ट

बीजेपी के सरकार बनाने के दावे के बाद कर्नाटक में अब सियासी भूचाल आ गया है। कर्नाटक मामला देर रात सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। कांग्रेस के नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने येदिरप्पा के शपथ ग्रहण को रुकवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्रार के सामने अर्जी दाखिल की है। कांग्रेस ने अर्जी दायर कर कर्नाटक मामले में आज रात ही सुनवाई की मांग की है। बता दें कि कर्नाटक के राज्यपाल ने बीजेपी साबित करने के लिए 15 दिन का वक्त दिया है।
कर्नाटक के राज्यपाल के खिलाफ कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंच कर शपथ ग्रहण को रुकवाने की मांग की है। कांग्रेस ने राज्यपाल के फैसले को लोकतंत्र की हत्या बताया है और येदिरप्पा के शपथ ग्रहण को अनैतिक बताया है। उम्मीद है कि चीफ जस्टिस उनके घर पर ही फैसला सुना सकते हैं। वहीं, दूसरी तरफ कर्नाटक राजभव के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए है। बीएस येदिरप्पा गुरुवार सुबह 9 बजे शपथ ग्रहण लेंगे। जहां सिर्फ बीजेपी के विधायकों को आने की अनुमति दी गई है। बता दें कि येदिरप्पा अकेले ही शपथ ग्रहण लेंगे, बाकि विधायक बहुमत साबित होने के बाद शपथ ग्रहण में शामिल होंगे। वहीं, इस शपथ ग्रहण में ना तो पीएम मोदी और ना ही राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पहुंचेंगे। बीजेपी को कर्नाटक के राज्यपाल ने बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का वक्त दिया है।
बताते हैं कि 2004 की स्थिति पर ध्यान दिलाया गया जब कांग्रेस और जदएस ने मिलकर सरकार गठन किया था लेकिन वह गिर गई। दरअसल, इस बीच यह खबरें भी तेज रहीं कि जदएस और कांग्रेस के लिंगायत विधायक अपने नेतृत्व के फैसले से असंतुष्ट हैं। ऐसे में वह लिंगायत नेता येद्दयुरप्पा को समर्थन दे सकते हैं। इन अटकलों को तब और बल मिला जब इन दलों की ओर से आरोप लगाया गया कि भाजपा उनके कुछ विधायकों को तोड़ रही है। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस और जदएस के संयुक्त दावे से पहले राज्यपाल ने भाजपा को बुलावा देने का मन इसलिए भी बनाया क्योंकि उनका चुनाव पूर्व गठबंधन नहीं था। चूंकि कर्नाटक में राजनीतिक तेवर गर्म है और इस आशंका से भी इनकार नहीं है कि जदएस व कांग्रेस कार्यकर्ता की नाराजगी से अशांति फैल सकती है। लिहाजा भाजपा नेतृत्व ने गुरुवार की सुबह ही नौ बजे शपथ ग्रहण का फैसला लिया है। कर्नाटक में भाजपा के प्रभारी मुरलीधर राव ने बताया कि वह अकेले ही शपथ लेंगे और बाद में मंत्रिमंडल शपथ लेगा।

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