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जानलेवा कोरोना वायरस से भारत ने अपने हर नागरिको की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की, जाने

Medhaj News 28 Feb 20,23:14:19 World
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चीन से फैला कोरोना वायरस धीरे-धीरे दुनिया के हर कोने में अपनी पहुंच बना रहा है। नाइजीरिया और बेलारूस जैसी जगहों तक यह पहुंच चुका है। चीन में अब तक कोरोना वायरस से 2788 लोग मारे गए हैं, जबकि 78 हजार से भी अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं। चीन के बाहर ईरान में 19, दक्षिण कोरिया में 13, इटली में 12, जापान में 7, फ्रांस में एक, ताईवान में एक, फिलीपींस में एक और हॉन्ग कॉन्ग में 2 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां एक बड़ा सवाल ये उठ सकता है कि जब बड़े-बड़े देशों में कोरोना वायरस से लोग मारे जा रहे हैं तो फिर भारत में सब कुछ सही कैसे है? दुनिया ये जानना चाहती होगी कि आखिर भारत ने इसे मुमकिन कैसे किया और अपने नागरिकों को कोरोना से कैसे बचाया, जबकि चीन से अपने नागरिकों को बाहर निकालने में भी भारत आगे रहा। आइए एक नजर डालते हैं उन वजहों पर, जिनके चलते भारत ने अपने हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित की।






  • जैसे ही भारत को ये पता चला कि चीन में कोरोना वायरस फैल रहा है, वैसे ही भारत ने एयरपोर्ट पर चेकिंग काफी सख्त कर दी। खुद स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बताया कि देश के 21 एयरपोर्ट पर यात्रियों की अनिवार्य स्क्रीनिंग हो रही है। जिसमें भी कोरोना वायरस का संक्रमण पाया जाता है, उन्हें अलग बनाए गए कैंपों में रख दिया जाता है और इलाज किया जाता है।

  • जब चीन को कोरोना वायरस के फैलने की भनक लगी, तो शुरुआत में उसने इस खबर को दबाना चाहा। वहीं भारत को जब इसकी खबर मिली तो भारत ने इसे दबाने के बजाए उससे बचाव के तरीकों पर काम करना शुरू कर दिया। चीन ने भी तेजी से अपने यहां कोरोना वायरस का इलाज करने के लिए कुछ ही दिनों में एक बड़ा अस्पताल तक बना दिया। कई शहरों को पूरी तरह से बंद कर दिया, जिनकी वजह से कोरोना वायरस फैलने की स्पीड धीमी हो गई। वहीं इसकी वजह से दुनिया के बाकी देशों को संभलने और तैयार होने का मौका मिल गया। हालांकि, हर देश तैयार रहने में फेल रहा। जैसे इटली। वहां कोरोना वायरस से संक्रमित जिन लोगों को अस्पताल लाया गया, उन्हें सामान्य लोगों के संपर्क में आने दिया। सामान्य लोगों में वायरस के असर को आने में कुछ समय लगा, लेकिन वह कोरोना वायरस के वाहक की तरह इधर-उधर घूमे और वायरस फैलता चला गया। बता दें कि इटली में अब तक कोरोना वायरस से 12 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 450 लोग इससे संक्रमित बताए जा रहे हैं।

  • मोदी सरकार ने सिर्फ ये नहीं सुनिश्चित किया कि भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण को आने से रोका जाए, बल्कि इसकी भी तैयारी की कि अगर वायरस भारत पहुंच भी गया तो इलाज में कोई कमी ना रहे। भारत को ये पता था कि दवाओं के लिए हम काफी हद तक चीन पर निर्भर हैं, लेकिन उसके लिए भी स्वास्थ्य मंत्रालय ने पूरी तैयारी रखी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश में दवाओं की कोई कमी नहीं है और भारत दवाओं के लिए चीन पर निर्भर नहीं है, ऐसे में कोरोना वायरस से डरने की कोई जरूरत नहीं है।






  • हाल ही में भारत ने दक्षिण कोरिया और जापान से भारत आने वाले लोगों को वीजा ऑन अराइवल देने पर भी कुछ समय के लिए रोक लगा दी है। ये भी इसी संदर्भ में किया जा रहा है, ताकि कोरोना वायरस किसी भी हालत में भारत न आ सके। बता दें कि जापान में कोरोना वायरस से 7 लोगों की मौत हो गई है और करीब 900 लोग इससे संक्रमित हैं। वहीं दूसरी ओर दक्षिण कोरिया में 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 1500 लोग इससे संक्रमित हैं। इतना ही नहीं, ईरान के साथ भारत ने उड़ान सेवाएं भी रद्द कर दी हैं। बता दें कि चीन के बाद कोरोना वायरस से सबसे अधिक 19 लोग ईरान में ही मारे गए हैं। ये सारे सख्त कदम इसीलिए उठाए गए हैं, ताकि कोरोना वायरस से बचा जा सके।

  • एयरपोर्ट पर हर नागरिक की स्क्रीनिंग हो रही है। जरा सा भी शक होने पर तुंरत उसकी मेडिकल जांच की जा रही है। अगर कोई कोरोना वायरस से संक्रमित पाया जा रहा है तो तुरंत उसे इलाज के लिए अलग से बने कैंपों में भेजा जा रहा है। इन कैंपों में लोगों को जेल की तरह नहीं रखा जा रहा है, जैसी कुछ तस्वीरें चीन से आ रही थीं, जिनमें लोगों को घरों में कैद करने का दावा किया जा रहा था। भारत में कैंप में भेजे जाने वाले हर शख्स का अच्छे से इलाज हो रहा है, ताकि वह जल्द से जल्द ठीक हो सके और वापस घर जा सके। भारत की इन्हीं कोशिशों और शानदार मेडिकल सुविधाओं की वजह से यहां को भी शख्स कोरोना वायरस से मारा नहीं गया है।


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