मानसरोवर यात्रा पर गए दो श्रद्धालुओं की मौत, 1500 से ज्यादा भारतीय फंसे

medhaj news 4 Jul 18,21:10:08 World
kailashmansarover.jpg

कैलाश मानसरोवर गये दो तीर्थ यात्रियों की मौत हो गई है जबकि खराब मौसम के कारण नेपाल के पहाड़ी क्षेत्र में फंसे 1500 से ज्यादा श्रद्धालु फंस गए हैं | भारत ने उन्हें निकालने के लिए काठमांडो से मदद मांगी है | भारतीय अधिकारियों ने बताया कि नेपाल के सिमिकोट क्षेत्र से करीब 150 श्रद्धालुओं को आज निकाला गया जबकि चीन के तिब्बत क्षेत्र में कैलाश मानसरोवर मार्ग पर फंसे अन्य श्रद्धालुओं को भी निकालने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय ने कहा है कि वह विदेश मंत्रालय और अन्य संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है और फंसे हुए भारतीयों को हर संभव सहायता पहुंचाने के लिए निर्देश दिए गए हैं | विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज कई ट्वीट कर कहा कि करीब 525 तीर्थयात्री सिमिकोट में, 550 तीर्थयात्री हिलसा में और करीब 500 तीर्थयात्री तिब्बत के पास फंसे हुए हैं उन्होंने कहा कि भारत ने नेपाल सरकार से वहां फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिये सेना का हेलीकाप्टर देने का आग्रह किया है | नेपाल में भारतीय दूसवास के एक अधिकारी ने बताया कि ‘‘ अबतब 143 तीर्थयात्रियों को निकाल कर हिलसा से सिमिकोट लाया गया है |’’

दूतावास ने बताया है कि स्थानीय हवाई अड्डा अधिकारियों से मिलकर उड़ान संचालकों ने सात व्यावसायिक उड़ानों के जरिए 104 तीर्थयात्रियों को सिमिकोट से नेपालगंज पहुंचाया | नेपालगंज एक बड़ा शहर है और इसमें सभी आधुनिक सुविधाएं हैं | सड़क मार्ग के जरिए तीन घंटे में यहां से लखनऊ पहुंचा जा सकता है | भारतीय दूतावास ने बताया कि केरल के नारायणम लीला (56) और आंध्र प्रदेश की सत्या लक्ष्मी की मौत हो गई | उनकी मौत क्रमश: सिमिकोट में ऊंचाई से जुड़ी बीमारी और तिब्बत में दिल का दौरा पड़ने से हुई है | बयान में बताया गया है कि उनके शवों को क्रमश: विशेष हेलीकॉप्टर के जरिए काठमांडो और नेपालगंज लाया गया है | भारतीय दूतावास नेपाल की सेना के संपर्क में है जिसने हेलीकॉप्टर को तैयार रखा है | हेलीकाप्टर मौसम सुधरते ही उड़ान भरने के लिए खड़े हैं | इसने कहा है कि स्थिति नियंत्रण में बनी हुई है और घबराने की जरूरत नहीं है | दूतावास ने अगले तीन चार दिन में सभी भारतीयों को निकालने की उम्मीद जताई | दूतावास के अधिकारी ने बताया कि सिमिकोट और तिब्बत में के दो-दो कर्मचारियों को तैनात किया गया है | उनके पास जरूरी सुविधाएं हैं जिनके जरिए वहां फंसे भारतीय अपने घरों से संपर्क कर सकते हैं |

उल्लेखलीय है कि चीन के तिब्बत स्वायत्त इलाके में स्थित कैलाश मानसरोवर हिन्दुओं, बौद्ध एवं जैन धर्म के लोगों के लिये पवित्र स्थान माना जाता है और हर वर्ष सैकड़ों की संख्या में तीर्थयात्री वहां जाते हैं | सुषमा ने कहा कि भारत ने तीर्थ यात्रियों एवं उनके परिवारों के लिये हॉटलाइन स्थापित की है तथा उन्हें तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषा में सूचनाएं प्रदान की जायेंगी | विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘ नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने नेपालगंज एवं सिमिकोट में प्रतिनिधि तैनात किये हैं | वे तीर्थयात्रियों के सम्पर्क में है और उन्हें भोजन एवं आवास मुहैया करा रहे हैं | ’’ सुषमा ने कहा कि सिमिकोट में बुजुर्ग तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य जांच की गई है और सभी तरह की चिकित्सा मदद उपलब्ध करायी जा रही है | उन्होंने कहा कि हिलसा में हमने पुलिस अधिकारियों से जरूरी सहायता का अनुरोध किया है | दूतावास ने सभी यात्रा संचालकों से कहा है कि वह ज्यादा से ज्यादा तीर्थयात्रियों को जहां तक संभव हो तिब्बत की तरफ रोकने का प्रयास करें क्योंकि नेपाल की तरफ चिकित्सीय और नगरीय सुविधाएं कम हैं | दूतावास ने बयान में कहा कि वह फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए वैकल्पिक रास्तों को देख रहा है |

    मेधज न्यूज़ के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक करें। आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं।

    ...
    loading...

    Similar Post You May Like


    Trends

    Special Story