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इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष को सपा देगी टिकट, 2017 में हारी थी चुनाव

उस दबंग लीडर ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ अध्यक्ष होते हुए योगी आदित्यनाथ की राह रोकी दी थी। अब उसी ऋचा सिंह को समाजवादी पार्टी प्रयागराज पश्चिम सीट से मैदान में उतार रही है। ऋचा सिंह ने तैयारी भी शुरू कर दी है। इससे पहले 2017 में भी ऋचा ने अपनी किस्मत आजमाई थी, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिल पई थी।
नेता डॉक्टर ऋचा सिंह सपा को लेकर किस हद तक जुनूनी हैं, इनकी एक फेसबुक पोस्ट से समझा जा सकता है। जिसमें रिचा सिंह लिखती हैं, ”जब तक जिंदा हूं, समाजवादी परिंदा हूं।” सियासत में नेता दल बदलते रहते हैं, लेकिन इनके ये पोस्ट बताते हैं कि समाजवादी पार्टी ही इनके लिए सबकुछ है। साल 2017 में इन्होंने प्रयागराज पश्चिम विधानसभा सीट से किस्मत आजमाई थी, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
अभी समाजवादी पार्टी ने इस सीट पर उम्मीदवारों की घोषणा भले नहीं की है, लेकिन इसबार भी ऋचा सिंह इसी सीट से मजबूत उम्मीदवार बनकर उभर रही हैं। कहती हैं कि जनहित के मुद्दे लेकिन ही आगे बढ़ेंगी।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय की छात्रसंघ अध्यक्षा रहीं रिचा उसी समय सुर्खियों में आ गई थी, जब रिजा सिंह ने तत्कालीन बीजेपी सांसद और अब यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने से रोक दिया था। साल 2020 में विश्वविद्यालय में अफवाह फैलाने के आरोप में रिचा और चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। साल 2021 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के इलाहाबाद दौरे से पहले सपा नेता रिचा को हाउस अरेस्ट तक कर लिया गया था।
इसी सीट से बाहुबली अतीक अहमद 1989 से 2004 लगातार 5 बार विधायक रहे और अपना दबदबा कायम रखा। उसके बाद 2004 में फूलपुर से एसपी के टिकट पर सांसद बने। बाहुबली अतीक अहमद जेल में है तो अतीक अहमद की जगह उनकी पत्नी शाइस्ता परवीन को AIMIM ने प्रत्याशी बनाया है। लिहाजा, अब इस सीट पर मुकाबला बेहद कड़ा हो सकता है। बीजेपी जहां सिद्धार्थ नाथ सिंह को मैदान में उतार सकती है तो समाजवादी पार्टी से ऋचा सिंह के उम्मीदवार बनाए जाने की पूरी संभावना है, लेकिन बाजी कौन मारेगा इसका पता 10 मार्च को चलेगा।

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