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चुनावी राज्यों में ‘थीम सॉन्ग’ की प्रथा में रफ्तार तेज, इन मजेदार गानों का सहारे प्रचार

नई दिल्ली | पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के वर्चुअल प्रचार में थीम सॉन्ग लॉन्च करने की प्रथा ने तेजी से रफ्तार पकड़ ली है। इस दौड़ में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी ( AAP ), बीजेपी समेत अन्य छोटे दल हुए शामिल हैं। खास बात ये है कि उम्मीदवार अपने स्तर पर भी प्रचार को धार देने के लिए थीम सॉन्ग लॉच कर रहे हैं। कांग्रेस और BJP हर बार चुनाव प्रचार में थीम सॉन्ग लॉन्च करते रहे हैं लेकिन इस बार प्रचार बेहद अलग है। कोविड-19 के प्रोटोकॉल के चलते और चुनाव आयोग के निर्देश के अनुरूप पार्टियों को मोटे तौर पर वर्चुअल चुनाव प्रचार ही करना है।

इन Theme Songs के माध्यम से एक ओर पार्टियां अपनी बात मतदाताओं तक पहुंचा पाती हैं। इसमें पार्टी की सोच, विचारधारा और पिछले कुछ सालों के दौरान किए गए कामकाज क्या हैं, इसके साथ ही सत्ता में आने के बाद पार्टी क्या कुछ करेगी सभी शामिल है। मोटे तौर पर उत्तरप्रदेश, पंजाब और गोवा में पार्टियां थीम सॉन्ग के सहारे जोर शोर से चुनाव प्रचार कर रहीं हैं।

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने 3 जनवरी को अपना थीम सॉन्ग लांच किया था। थीम सॉन्ग की टैगलाइन रखी गई- तीन तिगाड़ा काम बिगाड़ा, उत्तराखंड में नहीं आएगी भाजपा दोबारा। अपने कैंपेन का थीम सॉन्ग को लेकर कांग्रेस नेता और उत्तराखंड पूर्व सीएम हरीश रावत ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि ये सॉन्ग परिवर्तन को इंगित करता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में परिवर्तन सत्ता के लिए नहीं बल्कि लोकतंत्र को बचाने के लिए आना चाहती है। रावत ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा, उत्तराखंड को लेकर डबल इंजन की बात की गई थी और प्रधानमंत्री बार-बार उसका जिक्र करते थे। लेकिन तथाकथित डबल इंजन की सरकार 5 साल में 3 मुख्यमंत्री बदल कर साबित कर दिया कि वो फेल हैं।

उत्तरप्रदेश की बात करें तो यहां सभी पार्टियां बेहद सक्रिय हैं। सभी ने अपना-अपना थीम सॉन्ग लॉच किया है। इतना ही नहीं कुछ उम्मीदवारों ने तो अपने प्रचार के लिए अलग से गीत लॉन्च किया है। योगी इस बार गोरखपुर से ही चुनाव लड़ रहे हैं। सूरज मिश्रा व्यास ने कहा, 2017 के विधानसभा चुनावों के बाद मैंने योगी आदित्यनाथ पर एक गाना रिकॉर्ड किया था – सगरो यूपी वालों को ऊपर मिलल बा, योगी बाबा जैसा सीएम दमदार मिलल बा (यूपी को योगी जैसे शक्तिशाली मुख्यमंत्री में उपहार मिला है)। गाने को 3.5 लाख से अधिक बार देखा गया।

मिश्रा व्यास ने कहा, मैं केवल बीजेपी के लिए गाने बना रहा हूं। योगी आदित्यनाथ ( Yogi Adityanath ) के लिए मेरी नई रचना – विकास देख कर दिल हुआ दीवाना, सुनो जी फिर से योगी जी को लाना है। गाने को सलेमपुर के डॉ शशिकांत मिश्रा ने संगीतबद्ध किया है। भोजपुरी सिंगर दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ ने भी आयेंगे तो योगी ही गाना रिलीज किया है।

इसके साथ ही गोरखपुर से BJP सांसद रवि किशन ने भी पार्टी के लिये एक थीम सांग लॉन्च किया है- यूपी में सब बा। हालांकि रवि किशन के इस गीत को लेकर भोजपुरिया गायकों की सुरीली वॉर शुरू हो गई है। यूपी में सब बा के जवाब में बिहार में का बा गाने से फेमस हुई नेहा सिंह राठौर ने जवाबी गीत लॉच कर दिया है। अब दोनों गायक आपस मे भीड़ गए हैं। भोजपुरी सिनेमा के मेगास्टार और भाजपा के सांसद रवि किशन ने ये रैप सॉन्ग यूपी में सब बा मकर संक्राति की पूर्व संध्या पर सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में रिलीज किया था। वहीं नेहा सिंह राठौर अपना गीत रविवार को रिलीज किया। वो यूपी चुनाव में चितपरिचित अंदाज में यूपी में का बा गाना लेकर आईं हैं। उत्तर परदेश में चुनाव अइले पास. जनता नेता जी से पूछिहअ केने बड़ुए विकास.? उन्होंने दुष्कर्म सवाल उठाते हुए पूछा है कि न्याय होई कहिया? देह नोचवन के बाटे खदिए में बास.. जनता नेता जी से पूछिहें केने बड़ुए विकास?

वहीं भाजपा की तरह BSP भी डिजिटल प्रचार पर उतर चुकी है। बसपा अपने प्रचार के लिए सोनू निगम और कैलाश खेर और स्थानीय गायकों द्वारा गाए गानों का इस्तेमाल कर रही है- अब करो विजय की तैयारी, भारी बहुमत से जीतेगी माया बहन हमारी। ऐसे ही एक गाना और लोकप्रिय हो रहा है, जिसके 10 लाख से व्यूज हो चुके हैं – माया बहन के चाहने वालो, यूपी में बहना को लाने वालो, योगी को हटा दो सब मिलकर.. बसपा की से कई ऐसे गाने बजाए जा रहे हैं।

ऐसे ही अखिलेश ने भी अपना थीम सॉन्ग पेश किया है, साथ ही भोजपुरी गायक समर सिंह ने भी समाजवादी पार्टी के प्रचार के लिए गाना गाया है। थीम सॉन्ग है- जनता पुकारती है, अखिलेश आइए, खुशहाली और विकास सूरज उगाइए। SP के सर्मथन में इसी तरह एक समर सिंह गाया हुआ भोजपुरी गाना भी खूब इस्तेमाल किया जा रहा है- हालत न सुधरी उत्तर प्रदेश का, जब तक वोटवा न देबा अखिलेश के, जब ले सीएम न बनइबा अखिलेश के..। समाजवादी पार्टी ने चुनाव प्रचार के लिए अपनी म्यूजिक लाइब्रेरी भी खड़ी कर दी है। सपा नेता सुनील यादव ने एक गाना जारी किया है जिसमें लिखा है- चिंता छोड़ो 22 की, तैयारी करो सफाई की।

समाजवादी पार्टी के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष, धर्मेंद्र सोलंकी ने कहा कि इस चुनाव के लिए हमने अब तक जारी किए गए कुछ गीतों में शामिल हैं- बटन दबेगा साइकिल का, सुल्तान बदलने वाला है, 22 में यूपी का परिणम बदलने वाला है और आएगा जब नतीजा अखबार देख लेना, इस बार साइकिल की ऱफ्तार देख लेना। उन्होंने कहा कि राज्य में भूखे मवेशियों की समस्या पर भी एक गीत भी है, जिसमें लिखा है- चाहे कुछ भी तुम कर लो जुगाड़ बाबाजी, तुमको वापस करेंगे तेरे सांड बाबा जी।

पूर्व एसपी एमएलसी आशु मलिक ने कम से कम पांच गीतों की रचना की है। उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता अभियान के लिए अपने दम पर गाने बना रहे है और यह चलन अब उत्तरप्रदेश में जोर पकड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमने एक गाना जारी किया है- जनता पुकारती है अखिलेश आया, जबकि एक और गीत पितृसत्ता मुलायम सिंह यादव की प्रशंसा में है- तेरी अलग सबसे यहां बात मुलायम है।

उत्तरप्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने भी एक थीम सॉन्ग लॉच किया है। इस की शुरूआत प्रियंका गांधी से होती है जिसमें वह पुलिस के सामने संघर्ष करती हुई दिख रही हैं। इसके बाद अलग-अलग इलाकों में महिलाओं को काम करते हुए और जिम्मेदारी निभाते हुए दिखाया है। इस वीडियो में देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बारे में भी जिक्र है। गाने के बोल हैं – पर्वत क्या मेरे आगे, मैं चांद को लांघ भी सकती हूँ, घर भी चलाया है मैंने, मैं देश भी चला सकती हूँ, फसल उगाई इन हाथों ने, सरहद पे भी लड़ सकती हूँ।

उत्तरप्रदेश के चुनावी मैदान में विकासशील इंसान पार्टी (VIP) ने भी मुजफ्फरपुर की इंदू देवी को अपने थीम सॉन्ग की जिम्मेदारी दी है। इंदू देवी भोजपुरी व बज्जिका में खुद लिखती और गाती हैं। सीएम के एक कार्यक्रम में गीत गाकर चर्चा में आईं इंदू देवी को वीआइपी ने अब उत्तर प्रदेश में प्रचार की जिम्मेदारी दी है। इंदू ने बताया कि अब उन्हें वीआईपी ने अपनी पार्टी में भी शामिल कर लिया गया है।

इससे पहले कभी चौका-बर्तन व मजदूरी कर जीवन चलाने वाली मुजफ्फरपुर की कुढनी निवासी इंदू देवी आज चर्चित चेहरा बन गई हैं। उनके गाने इंटरनेट मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। वे गीत-संगीत, नुक्कड़ नाटक और मंचों से प्रचार अभियान में शामिल होंगी।

इसके साथ ही पंजाब विधानसभा के लिए आम आदमी पार्टी ने 10 जनवरी को अपना थीम सॉन्ग लॉन्च किया। केजरीवाल नाम से ये थीम सॉन्ग तैयार किया गया है। इसके वीडियो के माध्यम से जहां राजनीतिक पार्टियों पर करारा हमला बोला गया है, वहीं, भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला गया है। इस गाने को हलका खरड़ से आप की उम्मीदवार अनमोल गगन मान ने आवाज दी है। इसके अलावा पंजाब के खेत खलिहान, युवाओं एवं किसानों को भी थीम सॉन्ग में दिखाया गया है।

पंजाब में शिरोमणि अकाली दल उम्मीदवार विधायक एनके शर्मा का सोशल मीडिया पर विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें उनके परिवार से लेकर राजनीतिक जीवन और उनकी ओर से करवाए गए कामों को बताया गया है। यह गाना इलाके में बोली जाने वाली पुआधी भाषा में गाया गया है।

गौरतलब है कि थीम सॉन्ग के सहारे राजनीतिक दल चुनाव प्रचार करते रहे हैं। कई बार राजनीतिक दलों को अपने थीम सॉन्ग की वजह से विपक्षी दलों के आरोप भी झेलने पड़ते हैं। ठीक इसी तरह दिल्ली विधानसभा चुनाव में साल 2019 में हुआ था। 2019 में आम आदमी पार्टी ने थीम सोंग लॉन्च किया था – लगे रहो केजरीवाल जिसको लेकर बीजेपी नेता और दिल्ली के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने बदले में 500 करोड़ का मुआवजे देने की मांग की थी। आम आदमी पार्टी के थीम सॉन्ग में सांसद मनोज तिवारी की भोजपुरी फिल्मों और हिट गानों की क्लिपिंग्स को गाने के साथ इस तरह जोड़ा गया कि देखने में ऐसा लगे, जैसे तिवारी खुद इस गाने पर नाच रहे हों। इस गाने के साथ ट्वीट में यह भी लिखा गया कि लगे रहो केजरीवाल गाना इतना अच्छा है कि खुद मनोज तिवारी सर भी इस पर नाच रहे हैं। जिसके बाद बीजेपी ने इस पर संज्ञान लेते हुए आम आदमी पार्टी और उसके राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को नोटिस भेज दिया था।

हालांकि इससे पहले भी आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा के चुनाव में थीम सॉन्ग लॉन्च किया था जिसके सहारे दिल्ली में पहली बार हमारी पार्टी को पूर्ण बहुमत की सरकार हासिल हुई थी- पांच साल केजरीवाल जो कि आप के चुनाव प्रचार का मुख्य केन्द्रबिन्दु था। इस बार गोवा विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने कुछ इसी तरीके की तैयारी की है।

दरअसल चुनाव सामाजिक परिवर्तन के लिए नीतियों के पैरोकारों और सामाजिक स्थिरता के पक्षधर लोगों को अपने विशेष कारण की वकालत करने के अवसर प्रदान करते हैं। ये थीम सॉन्ग राजनीतिक दलों के अभियान और उनके विशेष ²ष्टिकोणों को फैलाने और उम्मीदवारों को प्लेटफार्मों से जोड़ने में मदद कर सकते हैं।

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