हास्यमनोरंजन

एक मुर्गा मालिक को खिङकी से बैठा देख रहा था।

एक मुर्गा मालिक को खिङकी से बैठा देख रहा था।
मालिक बहुत बीमार था,
मालिक की पत्नी उसके बगल में बैठी थी।
पत्नी बोली: आपको बहुत तेज़ बुखार है।
मैं आपके लिए चिकन सूप बना लाती हूँ….
इतना सुनते ही मुर्गे के तोते उङ गये…
मुर्गा बोला : बहन जी….
एक बार ‘पेरासिटामोल’ दे कर भी देख लो।
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यात्री: क्या मैं यहाँ एक सिगरेट पी सकता हूं?
स्टेशन मास्टर: नहीं…
यहाँ सिगरेट पीना सख्त मना है।
यात्री: फिर यहाँ इतने सिगरेट के टुकड़े कैसे पड़े हैं?
स्टेशन मास्टर: ये उन लोगों ने फेंके हैं
जो पूछते नहीं है।
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जेलर– सुना है की तुम शायर हो कुछ सुनाओ यार
कैदी– पेश करता हूँ साहेब
गम ए उल्फत मे जो जिन्दगी कटी हमारी,
जिस दिन जमानत हुई जिन्दगी खतम तुम्हारी।
जेलर– अरे बंसी वो डंडे में तेल लगा कर लाना
ये अभी तक नहीं सुधरा है।
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मनोज नदी मे डूब रहा था। वो जोर जोर से चिल्लाया –
“”गणेश जी बचाओ””
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“”गणेश जी बचाओ””
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गणेश जी आए ओर नदी किनारे नाच ने लगे।
मनोज: प्रभु आप नाच क्यों रहे हो? मुझे बचाओ…””
गणेश जी मुस्कुराते हुए बोले –
“”तू भी तो मेरे विसर्जन मे बहुत नाच रहा था…!
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कंजूस विकास, एक बनिया लड़के को बनिया लड़की से प्रेम हो गया,
बनिया लड़की: – जब पिताजी सो जाएगें, तो मै गली मे सिक्का फेंकुंगी,
आवाज सुनकर तुरन्त अन्दर आ जाना,
लेकिन लड़का सिक्का फेंकनें के एक घन्टे बाद आया,
लड़की: – इतनी देर क्यो लगा दी,
लड़का: – वो मै सिक्का ढुँड रहा था, .
लड़की: – अरे पागल वो तो हमने धागा बाँधकर फेका था, वापस खिच लिया था|
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