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Aditya-L1 Mission: 13 लाख पृथ्वी समा जाएं…4 माह में 15 लाख KM का सफर, चांद से 4 गुणा दूरी करेगा तय

ISRO सौर मिशन: Aditya-L1 के लिए एक महत्वपूर्ण कदम की ओर

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 2 सितंबर को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से सूर्य के पास जाने वाले मिशन ‘आदित्य-एल1’ का सफलतापूर्वक लॉन्च किया। इस मिशन का उद्देश्य सूर्य के पास जाकर उसकी विभिन्न प्रक्रियाओं की अध्ययन करना और नई जानकारी प्राप्त करना है।

Solar Mission ISRO: भारत का Sun Mission... किन देशों के स्पेसक्राफ्ट पहुंच चुके सूर्य के पास तक, इसरो के आदित्य एल1 का क्या प्लान? - isro solar mission aditya l1 know which
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आदित्य-एल1 मिशन का उद्देश्य:

आदित्य-एल1 मिशन का प्रमुख उद्देश्य सूर्य की बाहरी परत और कोर की विशेषताओं का अध्ययन करना है। मिशन के द्वारा सूर्य की उष्णता, ऊर्जा उत्पादन प्रक्रिया, मैग्नेटिक फील्ड्स, रश्मियों का प्रभाव आदि का अध्ययन किया जाएगा।

ISRO's Aditya-L1 mission likely to be launched this year : The Tribune India
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मिशन की योजना और लॉन्चिंग:

ISRO ने 2 सितंबर को सतीश धवन स्पेस सेंटर से आदित्य-एल1 मिशन को लॉन्च किया। इस मिशन के लिए PSLV-C37 रॉकेट का इस्तेमाल किया गया, जिसमें 11 साथी उपग्रह भी थे। मिशन की योजना के मुताबिक यह मिशन सूर्य के पास करीब 7 लाख किलोमीटर दूरी तक पहुँचेगा और वहाँ से सूर्य की अलग-अलग परतों की अध्ययन करेगा।

ISRO's Aditya-L1 mission to the Sun may launch as soon as 2020, says ISRO Chief-Tech News , Firstpost
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सूर्य का आकार और आश्चर्यजनक तथ्य:

सूर्य इतना विशाल है कि उसकी गर्मी और दबाव बेहद अद्भुत हैं। सूर्य का व्यास पृथ्वी से 109 गुना बड़ा है और यहाँ तक कि 13 लाख पृथ्वियाँ सूर्य में समा सकती हैं।

सूर्य की तापमान और विशेषताएँ:

सूर्य पर तापमान अत्यधिक होता है, और यह 10,000 फारेनहाइट (5,500 डिग्री सेल्सियस) तक पहुँच सकता है। सूर्य का कोर आवर्ती केंद्र में 15 मिलियन फारेनहाइट (8.3 मिलियन सेल्सियस) तक गरम होता है।

सूर्य के उदय और अस्त होने का कारण:

सूर्य के उदय और अस्त होने का कारण उसके कोर में चल रही न्यूक्लियर रिएक्शन है। यहाँ पर अत्यधिक गर्मी और दबाव के कारण हाइड्रोजन अणुओं के मिलने से हेलियम उत्पन्न होता है और यह आवर्ती केंद्र में प्रकाश के रूप में दिखाई देता है।

सूर्य का जन्म:

सूर्य का जन्म लगभग 4.6 अरब साल पहले हुआ था। वैज्ञानिकों के अनुसार, सूर्य और सौर मंडल के अन्य घटक गैस और धूल से बना है, जिसे सोलर नेब्युला के नाम से जाना जाता है।

सूर्य की भविष्यवाणी:

सूर्य के पास इतना न्यूक्लियर ईंधन है कि वह अगले 50 लाख सालों तक उगलता रह सकता है। इसके बाद, यह लाल गोले में परिवर्तित हो जाएगा और धीरे-धीरे शांत हो जाएगा।

आदित्य-एल1 मिशन की महत्वपूर्णता:

आदित्य-एल1 मिशन से हम सूर्य के बारे में नई जानकारी प्राप्त करेंगे, जो हमारे विज्ञान को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।

आदित्य-एल1 मिशन की चुनौतियाँ:

सूर्य के कड़के कोर के पास पहुँचना आदित्य-एल1 मिशन के लिए एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि वहाँ की अत्यधिक गर्मी और दबाव बहुत ही अधिक होते हैं।

आदित्य-एल1 मिशन से आने वाले लाभ:

आदित्य-एल1 मिशन से हम सूर्य के अद्भुत रहस्यों को समझने में सफल हो सकते हैं, जो हमारे विज्ञान की दुनिया को रोशन कर सकते हैं।

समापन:

आदित्य-एल1 मिशन ने सूर्य की रहस्यमयी दुनिया को खोलने का मार्ग प्रशस्त किया है। इस मिशन से हमने सूर्य के बारे में नए और रोचक जानकारी प्राप्त की है, जो हमारे विज्ञान को मदद करेगी और हमें सूर्य के बारे में और भी अधिक जानने का अवसर मिलेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs):

Q: सूर्य का व्यास पृथ्वी से कितना बड़ा है?

A: सूर्य पृथ्वी से 109 गुना अधिक विशाल है।

Q: सूर्य की तापमान कितनी होती है?

A: सूर्य की तापमान 10,000 फारेनहाइट तक पहुँच सकती है।

Q: सूर्य का उदय और अस्त होने का कारण क्या है?

A: सूर्य के कोर में चल रही न्यूक्लियर रिएक्शन के कारण ही सूर्य उदय होता है और अस्त होता है।

Q: सूर्य के बारे में कुछ रोचक तथ्य बताएं।

A: सूर्य का व्यास पृथ्वी से 109 गुना अधिक है और करीब 13 लाख पृथ्वियाँ सूर्य में समा सकती हैं।

Q: आदित्य-एल1 मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

A: आदित्य-एल1 मिशन का मुख्य उद्देश्य सूर्य की बाहरी परत और कोर की विशेषताओं का अध्ययन करना है।

सूरज के रहस्यमयी गुणों की खोज में आदित्य-एल1 मिशन ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यह मिशन हमें सूर्य के बारे में नए और रोचक जानकारी प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है। इससे हमारे विज्ञान को नई दिशाएँ मिल सकती हैं और हम सूर्य के रहस्यों को और भी गहराई से समझ सकते हैं।

इस रोचक आलेख को पढ़कर आपने सूर्य के बारे में नए और महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की है। यदि आप भी सूर्य के रहस्य को जानने में रुचि रखते हैं, तो आपके लिए यह मिशन अत्यंत महत्वपूर्ण हो सकता है।

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