मनोरंजनयात्रा

सिख समाज के पांच तख़्तों में से एक, अकाल तख्त

अमृतसर सांस्कृतिक विविधता, धार्मिक स्थल, पर्यटक स्थल, खानपान और सभ्यता तथा संस्कृति का मुख्य केंद्र रहा हैं।

अमृतसर में पर्यटन के कई प्रसिद्ध स्थानों में से एक अकाल तख्त का महत्वपूर्ण स्थान है। यह सिखों समाज के पांच तख़्तों में से एक है। जो सिख धर्म में सत्ता की पांच सीटों में से एक का प्रतिनिधित्व करता है। इसे सिखों के छठे गुरु, गुरु हरगोबिन्द ने न्याय-संबंधी और सांसारिक मामलों पर विचार करने के लिए स्थापित किया था। गुरु हरगोबिन्द साहिब ने कोठा साहिब के बांई ओर अपना सच्चा तख्त राज सिंहासन तैयार कराने के लिए आषाढ वदी पंचमी, रविवार को तख्त की नीवं रखी थी। यह अकाल पुरूष की आज्ञा के अनुसार निर्मित किया गया था। इस लिए इसे अकाल तख्त कहते है।

अकाल तख्त की पांच मंजिला सफेद संरचना है। जिसका अर्थ है कालातीत का सिंहासन, वास्तुकला की सिख शैली, संगमरमर की जड़ाई और एक सोने की पत्ती वाला गुंबद बना है। अठारहवीं सदी में अहमद शाह अब्दाली ने अकाल तख़्त और हरिमन्दिर साहिब पर कई बार हमले किए। यह विश्वसनीय रूप से शांतिपूर्ण जगह है।

प्रवेश शुल्क: कोई प्रवेश शुल्क नहीं लगता है।

हवाई रास्ता से:- सबसे नजदीकी हवाई अड्डा अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है जहां से आप टैक्सी करके आसानी से स्वर्ण मंदिर पहुंच सकते हैं।

सड़क मार्ग से:- अमृतसर सभी जिलों के लिए रोड की व्यवस्था है। राष्ट्रीय राजमार्ग 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अमृतसर वैसे दिल्ली से 500 किलोमीटर दूर है।

रेल मार्ग से:- सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन अमृतसर रेलवे स्टेशन हैं। अमृतसर रेलवे स्टेशन से आप रिक्शा करके गुरुद्वारे की तरफ जा सकते है।

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