मनोरंजनहास्य

अर्ज़ किया है

arz-kiya-hai

अर्ज़ किया है … रूठी है वो इस तरह
जैसे, हम उन्हें सच में मना लेंगे.. इतना
वक़्त कौन जाया करे, इतने मे
हम दूसरी पटा लेंगे..।
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एक आदमी कुम्भ मेले में प्रार्थना कर
रहा था हे प्रभु, न्याय करो… हे प्रभु,
न्याय करो…हमेशा भाई-भाई को
बिछड़ते देखा है कुम्भ में … कभी
पति-पत्नी पर भी try करो !!
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चिंटू: मेरी बीवी बहुत अच्छी है। मुझे
इतनी सर्दी में पानी गर्म करके देती है।
पिंटू: नहाने के लिए? चिंटू: नहीं-नहीं,
बर्तन धोने के लिए!
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पप्पू पार्टी से रात को देर से घर गया।
अगले दिन दोस्तों ने उससे पूछा- बीवी ने
कुछ कहा तो नहीं??
पप्पू -न न, कुछ खास नहीं…
ये दो दांत तो मुझे वैसे भी निकलवाने
थे…
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