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नैतिक आधार पर ममता को नहीं बनना चाहिए मुख्यमंत्री: बिप्लब कुमार देब

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ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनावों में सभी दिग्गजों और एग्जिट पोल्स के नतीजों को झुट्लाते हुए शानदार जीत दर्ज की। तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी को शिकश्त देते हुए 213 सीटों पर अपना परचम लहराया, जबकि बहुमत की आस लगाए बैठी बीजेपी को मात्र 77 सीटों से ही शांत होना पड़ा।

इस बीच बुधवार को ममता बनर्जी ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन बीजेपी उन पर हमला करने से नहीं चूकि। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा की "हालांकि तृणमूल ने बंगाल चुनाव में शानदार जीत दर्ज की है , लेकिन ममता बनर्जी  नंदीग्राम सीट पर  बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी से हर गई।  नैतिक आधार पर उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहिए। 

 बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद कथित हिंसा का विरोध करने के लिए भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए देब ने दावा किया कि हालांकि, कुछ राज्यों में भाजपा की हार हुई है लेकिन उसके वोट शेयर में कई गुना वृद्धि हुई है, जो की बहुत सकारात्मक है। उन्होंने आगे कहा कि  “कई लोग चुनाव लड़े बिना मुख्यमंत्री बने हैं, लेकिन ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से चुनाव लड़ा और हार गई । लोगों ने उन्हें नहीं चुना और इस आधार पर, नैतिक रूप से, उन्हें खुद को मुख्यमंत्री पद से दूर रखना चाहिए”।

ममता बनर्जी द्वारा उनकी हार के पीछे साजिश बताये जाने को लेकर देब ने कहा कि अगर उनकी हार एक शाजिश है तो फिर राज्य में उनकी जीत भी एक शाजिश है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि टी.एम.सी की जीत के बाद पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा में कम से कम पांच भाजपा कार्यकर्ता मारे गए हैं। "बीजेपी समर्थकों के घरों पर टीएमसी समर्थित गुंडों द्वारा हमला किया जा रहा है। बीजेपी समर्थकों के घरों, दुकानों पर या तो बर्बरता की जा रही है या आग में घी डाला जा रहा है,"।

देब ने टीएमसी सुप्रीमो से अपने समर्थकों को हिंसा और हिंसा से बचने का निर्देश देने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में भाजपा समर्थक पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे और भाजपा का हर कार्यकर्ता बुधवार को शाम 7 बजे विरोध प्रदर्शन के रूप में अपने घर पर पांच छोटी मोमबत्तियां जलाएगा।

 

देब ने जोर देकर कहा कि भाजपा का वोट शेयर सभी पांच राज्यों में बढ़ा है और पश्चिम बंगाल में सीटों की संख्या भी 3 से बढ़कर 77 हो गई है, जिससे राज्य विधानसभा में बीजेपी मुख्य विपक्षी पार्टी बन गई है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा असम में सत्ता में वापस आई, लेकिन राजनीतिक हिंसा की एक भी घटना वहां नहीं हुई। 

 

ममता बनर्जी ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

पश्चिम बंगाल में इतिहास रचते हुए तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने लगातार तीसरे सत्र के लिए मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 

राज्य के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने उन्हें बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई।  हालाँकि राज्य में बढ़ते कोरोना संकट के चलते ममता ने शपथ ग्रहण समारोह को सादगी पूर्ण रखने का ऐलान किया था। 

फिलहाल बंगाल में अब ममता बनर्जी के सामने कोरोना महामारी से निपटने की एक बड़ी चुनौती है। प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था की केंद्र बंगाल की हर संभव मदद करेगा।  

जीत के बाद से बंगाल से आई हिंसा की खबरों के चलते तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों पर बीजेपी के कार्यकर्ताओं की पिटाई और हत्या के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस दौरान ममता ने सभी राजनीतिक पार्टियों से राज्य में शांति बनाए रखने की अपील की। गौरतलब है की चुनाव की वजह से पिछले तीन महीनों से राज्य में लॉ एंड ऑर्डर चुनाव आयोग के पास था और उसे सुधारना मुख्यमंत्री की पहली प्राथमिकता है। 


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