नौकरी जाने पर भैंस खरीद डेयरी खोली, बदली किस्मत

Medhaj News 30 Nov 20 , 12:53:17 India Viewed : 2369 Times
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कोरोना वायरस ने शारीरिक तौर पर लाखों लोगों को संक्रमित किया | इस महामारी से बचने के उपाय के तौर पर लगाए गए लॉकडाउन ने बड़ी संख्या में लोगों के रोजगार पर असर डाला | संकट के इस दौर में असंख्य लोगों की नौकरियां गईं, काम-धंधा बंद होने से अनगिनत बेरोजगार हो गए | अपने और परिवार का वजूद बनाए रखने के लिए ऐसे लोग कुछ न कुछ करने की मशक्कत में लगे हैं जिससे घर का चूल्हा जलता रहे | इसी कोशिश में उन्हें दूसरे कामों को अपनाना पड़ा है | हालांकि कोई आधिकारिक क्षेत्रवार डेटा नहीं है, लेकिन उन लोगों की कोई कमी नहीं है जिन्होंने महामारी संकट के दौरान दूसरी नौकरियों को अपनाया या कोई और काम शुरू किया | जयपुर के रहने वाले 48 साल के राम सिंह शेखावत एक मीडिया संगठन के शाखा प्रबंधक के रूप में कार्यरत थे | अपने प्रबंधन कौशल के दम पर शेखावत इस प्रोफेशन में 23 वर्ष से भी अधिक तक टिके रहने में कामयाब रहे | उनकी मैनेजर के तौर पर योग्यता और लोगों से समन्वय बनाने की क्षमता को देखते हुए मैनेजमेंट उन्हें राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में शिफ्ट करता रहा | उन्हें ऐसी यूनिट्स में भेजा जाता जो अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही थीं | 

महामारी के दौरान यूनिट्स के बंद होने, वेतन में कमी, बड़े पैमाने पर छंटनी के दौर में शेखावत को भी अन्य लोगों की तरह अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा | शेखावत ने बताया - संगठन में बड़े पैमाने पर छंटनी हुई, वेतन में 40% की कटौती हुई | कई लोगों ने अपनी नौकरी खो दी | वास्तव में, कई इकाइयां बंद हो गईं और जो परिस्थितियां पैदा हुईं, उसमें मैंने पाया कि मैं अब संगठन का हिस्सा नहीं हूं | हालांकि, शेखावत ने मुश्किल की इस घड़ी में धैर्य से काम लिया |  उनकी मां और पत्नी से उन्हें बहुत हौसला मिला और वे डेयरी व्यवसाय में लग गए | शेखावत ने 6 महीने पहले घर के पास स्थित अपनी जमीन के छोटे से टुकड़े से यह व्यवसाय शुरू किया | जल्द ही दूध की अच्छी क्वालिटी की वजह से आस-पास के क्षेत्रों में मांग बढ़ गई | अब शेखावत के पास चार भैंस हैं | उन्होंने एक हेल्पर भी रख लिया जो अब सारा डेयरी का काम देखता है | शेखावत की पत्नी भी डेयरी के प्रबंधन में मदद करती हैं | अपनी उपलब्धि से संतुष्ट शेखावत कहते हैं - जल्द ही, मैं आसपास के क्षेत्र में एक आटा चक्की खोलकर विविधता लाने का इरादा रखता हूं, जहां मैं आठ लोगों को रोजगार देने की प्लानिंग कर रहा हूं | मैं अपनी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों की मदद से चीजों को मोड़ने में कामयाब रहा हूं | मेरी मां ने मुझे इस व्यवसाय को अपनाने के लिए प्रेरित किया | मेरी मां ने मुझे बताया कि परिस्थिति कैसी भी हो दूध और आटे का व्यापार हमेशा अच्छा करेगा | 

शेखावत के मुताबिक काश उन्होंने आठ-दस साल पहले ही अपना काम शुरू कर दिया होता | शेखावत ने कहा - मैंने 8 से 10 साल पहले यह काम शुरू किया होता तो मैं और अधिक सफल होता | अगर लोग नौकरी खो देते हैं उन्हें उद्यमी बनने पर विचार करना चाहिए | शेखावत ने अपनी पत्नी मरुधर कंवर के नाम पर डेयरी का नाम मरुधर डेयरी रखा है | शेखावत की पत्नी मरुधर कंवर ने कहा - मेरे पति के नौकरी छोड़ने के बाद चीजें शुरू में हमारे लिए कठिन थीं |  हम एक महीने तक सोचते रहे कि क्या करना है लेकिन फिर डेयरी व्यवसाय का फैसला किया | मुझे इस पेशे का कुछ पूर्व ज्ञान था | हम चीजों को मोड़ने में कामयाब रहे | मैं कारोबार में उनकी मदद कर रही हूं | शेखावत जैसे कई लोग हैं,  जिन्होंने या तो मजबूरी में या अपनी पसंद से ही कोरोना काल में दूसरे व्यवसायों को अपनाया | शेखावत एक शाखा प्रबंधक के रूप में काम कर रहे थे, लेकिन महामारी के कारण पैदा हुई परिस्थितियों का मतलब था कि उनकी नौकरी नहीं रही | उन्होंने डेयरी व्यवसाय को अपनाया, जिससे वो पहले की तुलना में कहीं अधिक संतुष्ट और खुश हैं | शेखावत के मुताबिक कभी कभी विपत्ति भी अवसर में तब्दील होकर व्यक्ति का भाग्य बदल देती हैं, जैसा कि उनके साथ हुआ |  


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      Commented by :Santu kumar Singh
      30-11-2020 22:37:21

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      Commented by :Aslam
      30-11-2020 19:21:02

    • Good

      Commented by :Bal Gangadhar Tilak
      30-11-2020 15:28:10

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