क्यों रावण की मृत्यु मौत के बाद मंदोदरी ने किया था विभीषण से विवाह?

Medhaj News 25 Oct 20 , 10:37:18 India Viewed : 1999 Times
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लंकापति रावण का वध (Ravan death) करने के बाद प्रभु श्रीराम अपनी पत्नी सीता को लेकर आयोध्या वापस आ जाते हैं | इसी अध्याय के बाद रामायण में लोगों की दिलचस्पी कम होने लगती है | शायद ही कोई जानता हो कि रावण की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी मंदोदरी (Mandodari) का क्या हुआ | आइए दशहरे (Dussehra 2020) के मौके पर आपको बताते हैं कि आखिर मंदोदरी कौन थी और रावण की मृत्यु के बाद उनका क्या हुआ | राम के हाथों रावण का वध होने के बाद मंदोदरी का विवाह विभीषण से हुआ था | इसके बावजूद रामायण में मंदोदरी के बारे में बहुत विस्तार से नहीं बताया गया है | पुराणों के मुताबिक, मधुरा नाम की एक अप्सरा भगवान शिव की तलाश में एक बार कैलाश पर्वत पहुंच गई थी | मां पार्वती  की अनुपस्थिति पाकर वे भगवान शिव को प्रसन्न करने में जुट गईं | पार्वती जब वहां पहुंची तो वह मधुरा के बदन पर शिव की भस्म देखकर क्रोधित हो गईं | उसी समय पार्वती ने मधुरा को 12 साल तक मेंढक बने रहने का श्राप दे दिया | 

इसके बाद भगवान शिव ने पार्वती से क्रोध में निकले श्राप को वापस लेने का आग्रह किया | माता पार्वती ये श्राप तो वापस न ले सकीं | लेकिन उन्होंने कहा कि 12 साल बाद वह अपने असली रूप में वापस आ जाएंगी | लेकिन तब तक उन्हें ये श्राप भोगना ही होगा | असुरराज मायासुर और उनकी पत्नी हेमा जिनके दो पुत्र मायावी और दुन्दुभी थे, बेटी की कामना के लिए तपस्या कर रहे थे | कैलाश पर्वत पर दोनों कई सालों तक बेटी की कामना के लिए तपस्या करते रहे | जब उन्हें एक कुएं से मेंढक के रोने की आवाज आई तो वे वहां गए और उन्होंने मधुरा की पूरी कहानी सुनी | मधुरा की कहानी सुनकर दोनों का दिल भर आया और वे तपस्या छोड़कर उसे अपने साथ ले आए | रावण की नजर जब पहली बार मंदोदरी पर पड़ी तो उसने असुरराज को शादी के लिए प्रस्ताव भेजा | एक अहंकारी राजा होने की वजह से असुरराज ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया | इससे राज्य में युद्ध की स्थिति बन गई थी | मंदोदरी जानती थी कि रावण उसके पिता से ज्यादा शक्तिशाली शासक है | इसलिए उसने रावण के साथ विवाह स्वीकार कर लिया | 

सीता का अपहरण करने पर मंदोदरी ने रावण का विरोध किया था | उसने बार-बार रावण को समझाने का प्रयास किया कि राम की पत्नी का इस तरह अपहरण करना लंकेशपति को शोभा नहीं देता है | हालांकि रावण अपने अहंकार और बदले की भावना में इस कदर चूर था कि उसने मंदोदरी की एक नहीं सुनी |  आखिरकार राम और रावण के बीच युद्ध हुआ, जिसमें रावण मारा गया | रावण का वध करने के बाद प्रभु श्रीराम ने विभीषण को लंका का नया राजा बनाने की सलाह दी और उन्हें मंदोदरी से विवाह करने का प्रस्ताव दिया | हालांकि मंदोदरी ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और खुद को राज्य से अलग कर लिया | कुछ समय बाद वह विभीषण से विवाह करने पर सहमत हो गईं | 



 


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