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भारत और ब्रिटैन के बीच रोडमैप 2030 का रास्ता साफ़ 

Roadmap 2030

इंडिया और ब्रिटेन ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के बीच वर्चुअल द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान महत्वाकांक्षी रोडमैप 2030’ समझौते को अपनाया, जो दोनों  देशों के कूटनीतिक संबंधों और दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाएगा।

 

दोनों नेताओं ने कोविड -19 की स्थिति और महामारी के खिलाफ लड़ाई में चल रहे सहयोग पर भी चर्चा की, जिसमें वैक्सीन शोध पर सफल भागीदारी शामिल है। मोदी ने जॉनसन को भारत में कोविड -19 की चिंताजनक दूसरी लहर के मद्देनजर ब्रिटेन द्वारा प्रदान की गई त्वरित चिकित्सा सहायता के लिए धन्यवाद दिया।

 

सम्मलेन के दौरान दोनों नेताओं ने उन्नत व्यापार साझेदारी की भी शुरूात की, और व्यवार को बढ़ावा देने के लिए एक विशिस्ट अंतरिम व्यापार समझौते और मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत करने की भी बात कही। 

 

दोनों देशों के द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया, "दोनों नेता फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के रास्ते में बाधाओं को दूर करने के लिए वचनबद्ध हैं। इसके अलावा साल 2030 तक भारत-ब्रिटेन व्यापार को दोगुना करने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी रखा गया"।

 

दोनों नेताओं ने समुद्री और औद्योगिक सहयोग पर ध्यान केंद्रित करते हुए रक्षा साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति जताई। उन्होंने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में   समृद्धि और स्थिरता में दोनों देशों के साझा हित को समझते हुए आपसी सहयोग पर भी सहमति जताई। वे मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस पर महत्वपूर्ण नए सहयोग के लिए सहमत हुए, जिसमें समुद्री सूचना साझाकरण पर नए समझौते, गुड़गांव में भारत के सूचना फ्यूजन सेंटर में शामिल होने के लिए यूके का निमंत्रण और एक महत्वाकांक्षी अभ्यास कार्यक्रम शामिल है जिसमें संयुक्त त्रिपक्षीय अभ्यास शामिल हैं।

 

इंडो-पैसिफिक पर प्रतिबद्धताओं के अलावा, दोनों देश भारत के भविष्य के लड़ाकू हवाई इंजन की आवश्यकता पर मौजूदा सरकार से सरकार के सहयोग पर निर्माण करने के लिए सहमत हुए।

 

'रोडमैप 2030' के अन्तर्गत, वे लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट मार्क 2 के भारत के स्वदेशी विकास के समर्थन में एक साथ मिलकर काम करने के लिए सहमत हुए। उन्होंने मेरीटाइम प्रोपल्शन, अंतरिक्ष और साइबर जैसे क्षेत्रों में आगे औद्योगिक सहयोग की संभावना पर भी चर्चा की। रोडमैप 2030 से ब्रिटेन - भारत अनुसंधान, क्षमता और औद्योगिक सहयोग का एक नया युग शुरू होने जा रहा है। 

 

जॉनसन ने कहा, “यूके और भारत कई बुनियादी मूल्यों पर सामान सोच रखते हैं।  ब्रिटेन विश्व के सबसे पुराने लोकतंत्रों में से एक है, और भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है। हम दोनों राष्ट्रमंडल के प्रतिबद्ध सदस्य हैं। आज हमने जो समझौते किए हैं, वे यूके-भारत संबंधों में एक नए युग की शुरुआत हैं। ”

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ट्वीट में कहा कि “मेरे दोस्त पीएम बोरिस जॉनसन के साथ एक बेहद सफल वर्चुअल समिट किया। हमने एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के लिए भारत-ब्रिटेन संबंधों को बढ़ाने के लिए महत्वाकांक्षी रोडमैप 2030 को अपनाया।”

 

'रोडमैप 2030' स्वास्थ्य, जलवायु, व्यापार, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और रक्षा के क्षेत्र में यूके-भारत संबंधों के लिए एक रूपरेखा प्रदान करेगा। यह वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा और महामारी में लचीलेपन को बढ़ाने के लिए यूके-भारत स्वास्थ्य साझेदारी का विस्तार करेगा। एक बयान में कहा गया है कि इस रोडमैप में महत्वपूर्ण दवाओं, टीकों और अन्य चिकित्सा उत्पादों को सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना भी शामिल है। 

 

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