मनोरंजनहास्य

हड्डी का हॉस्पिटल

दो शराबी नशे में धुत्त रेल की पटरियों के बीचों-बीच जा रहे थे….
पहला :- हे भगवान, मैंने इतनी सीढ़ियां पहले कभी नहीं चढ़ीं
दूसरा:- भाई सीढ़ियाँ तो ठीक हैं, मैं तो इस बात को लेकर हैरान हूं कि
हाथ से पकड़ने के लिए रेलिंग कितने नीचे लगी हुई हैं
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एक नीग्रो बस में अपने प्यारे बच्चे के साथ जा रहा था….
कंडक्टर साहब ने उसका बच्चा देखकर बोला –
“इतना काला बच्चा मैंने आज तक नहीं देखा”……
नीग्रो को गुस्सा आया,
लेकिन वो कुछ नहीं बोला और सीट पर आकर मुह फुलाकर बैठ गया।
राजू ने उससे पूछा: “क्या हुआ भाई साहब”?
नीग्रो ने राजू से कहा: अरे यार,
उस कंडक्टर ने बेइज्जती कर दी। . . . .
राजू : अरे मार साले को जाकर . . .
ला ये चिम्पांजी का बच्चा मुझे पकड़ा दे…
साला काटेगा तो नहीं
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बंटी साइकिल से बाजार जा रहा था.
एक विदेशी आदमी आया और उसने बंटी को रोका
बंटी:- ऐसे आचनक से सामने आ गया, मरेगा क्या ?
विदेशी:- मुझे ताज महल जाना है.
बंटी:- तो जा ना. सबको बताता रहेगा तो पहुंचेगा कब?
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एक बुजुर्ग महिला एक सांड को घी चुपड़ी रोटी खिला रही थी,
वहां खड़े सज्जन को लगा की महिला सांड को गाय समझ रही है…
सज्जन व्यक्ति :- बहन ये सांड है गाय नही, आप इसे रोटियां खिला रही हैं,
किंतु यह प्रतिदिन गांव में तीन चार लोगों को सिंग मारकर हड्डियां तोड़ देता है…
बुजुर्ग महिला :- मुझे पता है भाई साहब कि यह सांड है।
मेरे पति का, हड्डी का हॉस्पिटल इस सांड के कारण ही चल रहा है।

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