क्राइम

जूनागढ़ में इमारत गिरी, पति-बेटों की मौत, पत्नी ने भी की आत्महत्या

जूनागढ़ शहर में सोमवार को गोजरी में एक भयंकर घटना घटी हैं, जिसमें एक जर्जर इमारत ढह गई, जिसके मलबे में दबकर 4 सदस्यों की मौत हो गई हैं इन 4 लोगों में एक ही परिवार के 3 लोग शामिल हैं, जिसमें पिता समेत 2 बच्चों की मौत हो गई हैं।

पिता समेत 2 बच्चों की मौत के बाद कल देर शाम परेशान पत्नी ने आत्महत्या करने की कोशिश की, दुर्भाग्यवश आज सुबह उनका भी निधन हो गया। इस तरह एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत से जूनागढ़ सदमे में है।

अपने पति और दो बच्चों के अंतिम संस्कार के बाद, दुखी महिला ने खुद को अपने घर के बाथरूम में बंद कर लिया और मंगलवार शाम को एसिड पी लिया। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वह बच नहीं पाई।

इस मामले में जूनागढ़ की मेयर, गीताबेन परमार ने बताया कि इमारत जीर्ण-शीर्ण हालत में थी, और उसमें रहने वालों ने इसे खाली कर दिया था। जब इमारत ढही तो उसके नीचे एक ऑटोरिक्शा चालक अपने दो बच्चों के साथ था। वे माँ के लौटने का इंतज़ार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दुख की बात है कि पिता और उनके दो बच्चों की मौत हो गई।

पति संजयभाई डाभी और बेटे दक्ष और तरुण के शव सोमवार शाम को इमारत के मलबे से बरामद किए गए। ऐसे में मयूरीबेन अपने पति और बेटों की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाईं और उन्होंने आत्महत्या का प्रयास किया। जिसकी अस्पताल में इलाज के दौरान सुबह मौत हो गई। इस तरह एक ही परिवार के सभी सदस्यों की मौत से जूनागढ़ में दहशत का माहौल बन गया है।

मृतक के परिजनों का आरोप है कि कल हुई इस गंभीर घटना में 4 लोगों की जान जाने के बाद भी कमिश्नर या टिपी के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई, परिवार कह रहा है कि उन्होंने इसी वजह से आत्महत्या की है।

समुदाय के नेता राजूभाई सोलंकी ने भी कहा कि कमिश्नर राजेश तन्ना और टीपीओ बिपिन गमीत के खिलाफ शिकायत दर्ज की जानी चाहिए और इस परिवार को न्याय दिया जाना चाहिए

इमारत के नीचे एक चाय की दुकान थी, जिसके मालिक की भी दुर्घटना में मौत हो गई। जूनागढ़ में दो मंजिला इमारत ढहने की घटना मूसलाधार बारिश के कारण शहर के जलमग्न होने के दो दिन बाद हुई। माना जाता है कि पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बारिश के कारण यह ढह गई है। जूनागढ़ के मेयर ने खुलासा किया कि निगम ने जूनागढ़ में कम से कम 38 ऐसी आवासीय सोसायटियों को नोटिस जारी किया था, जिसमें उनकी पुरानी और खराब स्थिति के कारण उन्हें खाली करने का आग्रह किया गया था।

एक उदाहरण देते हुए, उन्होंने सत्यम सोसायटी का उल्लेख किया, जहां निवासियों को खाली करने के लिए कहा गया था और निगम द्वारा उन्हें सुरक्षित स्थान पर आश्रय प्रदान किया गया था। हाल की भारी बारिश के प्रभाव के बारे में परमार ने कहा कि 24 जुलाई को हुई मौतों के अलावा, पिछले कुछ दिनों में बारिश ने जूनागढ़ शहर में कम से कम तीन और लोगों की जान ले ली है। शनिवार को अचानक आई बाढ़ के बाद शहर की सड़कों से कीचड़ और मलबा हटाने के जूनागढ़ नगर निगम के गहन प्रयासों के बीच आवासीय इमारत ढह गई। मूसलाधार बाढ़ ने शहर के अधिकांश हिस्सों को जलमग्न कर दिया, जिससे तबाही मच गई।

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