वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की आज की बड़ी घोषणाओं पर एक नजर...

Medhaj news 16 May 20 , 21:48:21 Business & Economy Viewed : 199 Times
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई बड़े सुधारों को देश के सामने रखा। वित्त मंत्री ने एक तरफ कोयला खनने से सैटेलाइट लॉन्च तक का रास्ता निजी क्षेत्र के लिए खोला तो दूसरी तरफ रक्षा उत्पादन में एफडीआई की सीमा को 49 पर्सेंट से बढ़ाकर 74 फीसदी करने की घोषणा की। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली वितरण कंपनियों के निजीकरण का ऐलान किया गया। आइए डालते हैं आज की बड़ी घोषणाओं पर नजर...




  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोयला क्षेत्र में सरकार का एकाधिकार समाप्त करते हुए प्राइवेट सेक्टर को भी हिस्सेदार बनाने की घोषणा की। इसके लिए लगभग 50 कोयला ब्लॉकों दिए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र को कोयले की कॉमर्शल माइनिंग लाइसेंस राजस्व में हिस्सेदारी की व्यवस्था के तहत दिए जाएंगे। निजी क्षेत्र को प्रति टन निर्धारित शुल्क की जगह राजस्व में सरकार की हिस्सेदारी व्यवस्था के आधार पर कोयले का वाणिज्यिक उत्खनन का लाइसेंस दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि घटिया कोयले के आयात को कम करने और कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। सरकार कोयला खान क्षेत्र से बाहर पहुचाने के बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए 50,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खनिजों के खनन के क्षेत्र में कई सुधारों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लिए एक सपाट समग्र खोज और उत्पादन व्यवस्था लाई जाएगी। खनिजों के 500 ब्लॉकों की नीलामी की जाएगी। उन्होंने कहा कि एल्युमीनियम उद्योग की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने के लिए बॉक्साइट और कोयला ब्लॉकों की संयुक्त नीलामी की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे एल्युमीनियम उद्योग को बिजली की लागत में कमी लाने में मदद मिलेगी।  

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने निजी क्षेत्र को उपग्रहों, प्रक्षेपणों और अंतरिक्ष-आधारित सेवा कारोबार जैसे भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में भूमिका देने की घोषणा की। वित्त मंत्री ने आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज की चौथी किस्त की घोषणा करते हुए कहा कि अंतरिक्ष गतिविधियों में निजी भागीदारी को बढ़ाने के लिए सरकार उपग्रहों, प्रक्षेपणों और अंतरिक्ष-आधारित सेवाओं में निजी कंपनियों के लिये बराबर के मौके प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र को अपनी क्षमता में सुधार करने के लिये इसरो की सुविधाओं और अन्य प्रासंगिक संपत्तियों का उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी। ग्रहों की खोज और अंतरिक्ष पर्यटन की भविष्य की परियोजनाएं निजी क्षेत्र के लिये भी खुली होंगी।

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय वायु क्षेत्र के उपयोग की पाबंदियों में ढील देने की घोषणा की जिससे विमान कंपनियों को सुविधा और बचत होगी। सरकार का अनुमान है कि वायु क्षेत्र को अधिक खुला करने से नागर विमानन क्षेत्र को प्रति वर्ष लगभग 1,000 करोड़ रुपये का लाभ होगा। वित्त मंत्री ने आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज की चौथी किस्त की घोषणा करते हुए कहा कि भारतीय हवाई क्षेत्र का केवल 60 प्रतिशत स्वतंत्र रूप से उपयोग के लिये उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि अधिक वायु क्षेत्र मिलने से हवाई यात्रा का समय कम होगा और ईंधन की बचत होगी।

  • वित्त मंत्री ने कहा कि निजी भागीदारी के लिए छह और हवाई अड्डों की नीलामी की जाएगी। इसके अलावा, पहले और दूसरे दौर में नीलाम किए गए 12 हवाई अड्डों में निजी कंपनियों के द्वारा 13,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विमानों के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) के लिए कर व्यवस्था को युक्तिसंगत बनाया गया है। विमानन कल-पुर्जों की मरम्मत और एयरफ्रेम रख-रखाव क्षेत्र के तीन साल में 800 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,000 करोड़ रुपये हो जाने की उम्मीद है।

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) का निजीकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली की दर को लेकर ऐसी नीति की गारंटी दी जाएगी, जिसमें उपभोक्ताओं को बोझ नहीं उठाना पड़े। इसके अलावा स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे और बिजली सब्सिडी भी सीधे ग्राहकों के खाते में दी जाएगी। 

  • रक्षा उत्पादन क्षेत्र में 'मेक इन इंडिया' को प्रोत्साहन के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कई उपायों की घोषणा की। उन्होंने डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा को 49 से बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने का ऐलान किया। वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ हथियारों और मंचों के आयात पर प्रतिबंध रहेगा। आर्थिक पैकेज की चौथी किस्त जारी करते हुए सीतारमण ने कहा कि आयात के लिए प्रतिबंधित उत्पादों की खरीद सिर्फ देश के भीतर की जा सकेगी। सीतारमण ने कहा कि अभी आयात हो रहे कुछ कलपुर्जों का घरेलू उत्पादन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे रक्षा आयात खर्च में कमी लाने में मदद मिलेगी। 

  • उन्होंने कहा कि बेहतर प्रबंधन के लिए आयुध कारखाना बोर्ड को कंपनी बनाया जाएगा। बाद में इसे शेयर बाजारों में सूचीबद्ध किया जाएगा। सीतारमण ने साथ ही यह स्पष्ट किया कि आयुध कारखाना बोर्ड को कंपनी बनाने का यह मलब नहीं है कि उसका निजीकरण किया जाएगा। 

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सामाजिक ढांचागत परियोजनाओं को आर्थिक दृष्टि से व्यावहारिक बनाने को सरकार की ओर से दी जाने वाली वित्तीय मदद यानी वायबिलटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) बढ़ाने की घोषणा की। वित्त मंत्री ने आर्थिक पैकेज की चौथी किस्त की घोषणा करते हुए सामाजिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए वीजीएफ के तहत 8,100 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। 

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि भारत चिकित्सकीय समस्थानिक (मेडिकल आइसोटोप) के उत्पादन के लिये पीपीपी माडल पर अनुसंधान केंद्रित रियेक्टर (नाभिकीय संयंत्र) स्थापित करेगा। उन्होंने प्रोत्साहन आर्थिक पैकेज की चौथी किस्त की घोषणा करते हुए कहा कि यह चिकित्सकीय समस्थानिक का उत्पादन करेगा और कैंसर एवं अन्य बीमारियों के लिए किफायती उपचार उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर तैयार होने वाला अनुसंधान रियेक्टर खाद्य संरक्षण, कृषि सुधारों को तेजी तथा किसानों की मदद करने के लिए विकिरण प्रौद्योगिकी का उपयोग करेगा।


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    • Desh ke hith me

      Commented by :Sunil Vishwkarma
      22-05-2020 09:20:06

    • Valuable information

      Commented by :Himanshoo Saurav
      18-05-2020 18:24:29

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