Amazon बिना हिस्सेदारी खरीदे इस तरीके से फ्यूचर रिटेल पर कब्ज़ा पाना चाहती है

Medhaj News 19 Nov 20 , 16:00:45 Business & Economy Viewed : 558 Times
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ऐसा पहले कभी हुआ है या नहीं पर amazon बेहद चतुराई से फ्यूचर रिटेल और रिलायंस के मर्जर को रोक कर फ्यूचर रिटेल पर अपना अधिकार दिखाया है। कानूनविदों और विश्लेषकों का कहना है कि डेढ़ साल पुराने करार की मदद से अमेजन भारतीय खुदरा बाजार के सबसे बड़े अधिग्रहण को रोकना चाहती है। 

रिलायंस और फ्यूचर रिटेल के 24,713 करोड़ रुपये के सौदे को अमेजन ने फिलहाल रुकवा भी दिया है। देखा जाए तो अमेजन ने सीधे तौर पर फ्यूचर रिटेल में कोई हिस्सेदारी नहीं खरीदी है, बल्कि किशोर बियानी की अगुवाई वाले फ्यूचर समूह की अनुषंगी कंपनी फ्यूचर कूपंस में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी।

हालांकि, कूपंस की फ्यूचर रिटेल में 9.82 फीसदी हिस्सेदारी है। एफडीआई नियमों के तहत ये हिस्सेदारी कूपंस के पास तभी तक रह सकती है, जब तक उसका स्वामित्व किसी भारतीय के पास है। बाजार जानकारों का कहना है कि अमेजन ने सेबी के एफडीआई नियमों का भी उल्लंघन किया है। अगर उसे फ्यूचर रिटेल पर स्वामित्व लेना है तो 26 फीसदी शेयर खरीदने होंगे, जबकि एफडीआई कानून के तहत फिलहाल वह एक भी शेयर खरीदने की स्थिति में नहीं है।  


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      Commented by :Rinku Ansari
      19-11-2020 17:48:38

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