प्रियंका गांधी नागरिकता कानून का विरोध कर रहे छात्रों से मिलने इंडिया गेट पहुंचीं

Medhaj News 21 Dec 19 , 09:56:08 Business & Economy Viewed : 305 Times
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नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) का विरोध कर रहे छात्रों के समर्थन में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) शुक्रवार को एक बार फिर इंडिया गेट पहुंचीं | वह छात्रों के साथ बैठीं और कहा कि केंद्र सरकार पूरे देश में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स ऑफ इंडिया (NRC) लागू करना चाहती है | NRC गरीबों के खिलाफ है | उन्होंने इसे नोटबंदी से जोड़ते हुए कहा कि अगर यह (NRC) लागू होती है तो एक बार फिर जनता लाइनों में लगी होगी | प्रियंका गांधी ने कहा - मूल रूप से NRC गरीबों पर प्रहार जैसा है | इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले लोग निचले तबके के ही होंगे | क्या वह लोग अपनी जमीनों के पुराने दस्तावेज खोज पाएंगे | क्या आपकी दादी-नानी पुराने दस्तावेज दिखाने में सक्षम होंगी | यह लोग (केंद्र सरकार) देश को किन हालातों में ले जा रहे हैं | यह लोग नोटबंदी के बाद एक बार फिर लोगों को लाइनों में लगवाना चाह रहे हैं |  इससे कौन प्रभावित होगा | अमीर पासपोर्ट दिखा देंगे लेकिन गरीब इससे सबसे ज्यादा प्रताड़ित होगा | आपको बता दे कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं |





कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और असम में हुए हिंसक प्रदर्शनों में करीब 10 लोगों की मौत हो चुकी है | देश की राजधानी दिल्ली में भी पिछले कुछ दिनों से प्रदर्शन हो रहे हैं | शुक्रवार रात दरियागंज इलाके में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी थी | पथराव और लाठीचार्ज में दर्जनों प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर है | पुलिस ने इस मामले में 40 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें 8 नाबालिग हैं | गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन बिल के संसद में पेश किए जाने के बाद से ही पूर्वोत्तर सहित पूरे देश में इसे वापस लिए जाने की मांग ने जोर पकड़ा था | लोकसभा और राज्यसभा से पारित होने और राष्ट्रपति के दस्तखत के बाद यह कानून बन गया | इस संशोधित कानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले गैर-मुस्लिमों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है | इसमें 6 समुदाय - हिंदू, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध और पारसियों को रखा गया है | मुस्लिमों को इससे बाहर रखे जाने का विरोध हो रहा है | केंद्र सरकार का तर्क है कि इस कानून को इन तीन देशों में धार्मिक आधार पर सताए जा रहे अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देने के लिए संशोधित किया गया है और इन तीनों ही देशों में मुस्लिम अल्पसंख्यक नहीं हैं |


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