आत्मनिर्भर भारत पैकेज की पांचवी किस्त का वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ऐलान कर रही

Medhaj News 17 May 20 , 11:52:17 Business & Economy Viewed : 170 Times
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कोरोना संकट और लॉकडाउन की वजह से सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए आत्मनिर्भर भारत पैकेज की पांचवी किस्त का वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ऐलान कर रही हैं। निर्मला सीतारमण ने कहा कि आज 7 ऐसे कदमों की घोषणा की जाएगी। मनरेगा, स्वास्थ्य, कोविड में बिजनस,कंपनी ऐक्ट को गैर आपराधिक बनाना, ईज ऑफ डूइंग बिजनस, पब्लिक एंटरप्राइजेज, राज्य सरकार और उनके संसाधनों से जुड़े ऐलान किए जाएंगे। निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछले चार दिनों में आत्मनिर्भर भारत के लिए लैंड, लेबर, लिक्विडिटी और लॉ पर आज का फोकस किया गया है। शुरुआत हमने गरीब कल्याण योजना के साथ की थी। गरीबों को मुफ्त राशन देने की व्यवस्था की गई। पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत खाते में कैश डाले गए। डीबीटी टेक्नॉलजी से पीएम किसान में योजना के तहत 8.19 किसानों को मदद दी गई है। वुद्ध और अन्य लोगों को पेंशन दिया गया। जनधन खाता धारक 20 करोड़ महिलाओं के खाते में 10025 करोड़ रुपए डाले गए। निर्माण कार्य से जुड़े मजदूरों को 3900 करोड़ रुपए से अधिक की मदद दी गई। 2.20 करोड़ लोगों को इसका फायदा हुआ। सभी के खाते में पैसे गए। यह डीबीटी की वजह से संभव है। 6.81 करोड़ सिलेंडर लाभार्थियों को मुफ्त में दिए गए हैं। 12 लाख से अधिक ईपीएफओ खाताधारकों ने पैसे निकाले हैं।    

मजदूरों को ट्रेनों से ले जाने का 85 खर्च केंद्र सरकार ने वहन किया है। 15 फीसदी खर्च राज्य सरकारों ने किया है। ट्रेनों में उन्हें खाना भी उपलब्ध कराया गया। कोविड-19 के बाद के दौर के लिए उन्हें हर तरह की मदद देनी है। कोरोना के बाद व्यापार को लेकर तनावग्रस्त स्थिति होगी। इसलिए हमने कई ऐलान किए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पिछले चार दिनों से आर्थिक पैकेज की बारीकियों को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समझा रही हैं और बड़े सुधारों की घोषणाएं कर रही हैं। इससे पहले वित्त मंत्री ने शनिवार को चौथी किस्त की घोषणा की। इसमें कोयला, रक्षा विनिर्माण, विमानन, अंतरिक्ष, बिजली वितरण आदि क्षेत्रों में नीतिगत सुधारों पर जोर रहा।



रक्षा क्षेत्र:




  •     रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में स्वत: मंजूरी मार्ग से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 49 से बढ़ाकर 74 प्रतिशत की जायेगी।

  •     ऐसे हथियारों और प्लेटफॉर्म की सूची जारी की जायेगी, जिनका आयात प्रतिबंधित होगा। इन्हें भारत में ही खरीदा जा सकेगा।

  •     आयातित कल-पुर्जों के स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिये रक्षा आयात का बिल कम करने पर ध्यान दिया जायेगा।

  •     बड़े घरेलू खरीद के लिये अलग बजट प्रावधान किये जायेंगे। आयुध निर्माण बोर्ड का निगमीकरण किया जायेगा।



नागर विमानन क्षेत्र:




  •     यात्री उड़ानों के लिये भारतीय वायु क्षेत्रों पर लगी पाबंदियों में ढील दी जायेगी, इससे ईंधन और समय की बचत होगी।

  •     पाबंदियों में ढील से विमानन क्षेत्र को एक साल में एक हजार करोड़ रुपये का लाभ होगा।

  •     छह और हवाईअड्डों में निजी कंपनियों की भागीदारी के लिये नीलामी की जायेगी

  •     12 हवाई अड्डों में निजी कंपनियों से 13 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश मिलेगा।

  •     भारत विमानों के रख-रखाव, मरम्मत और जीर्णोद्धार का केंद्र बनेगा, इसके लिये करों को युक्तिसंगत बनाया जा चुका है।



कोयला एवं खनिज:




  •     कोयला क्षेत्र में निजी कंपनियों को वाणिज्यिक खनन का अधिकार मिलेगा। सरकार का एकाधिकार समाप्त होगा।

  •     क्षेत्र में उतरने के प्रावधान सरल किये जायेंगे, तत्काल नीलामी के लिये करीब 50 ब्लाक पेश किये जायेंगे।

  •     कोयला के गैसीकरण और द्रवीकरण को राजस्व साझा करने की दर में छूट के जरिये प्रोत्साहित किया जायेगा।

  •     कोयला क्षेत्र में बुनियादी संरचना विकास के लिये 50 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की जायेगी।

  •     कोल इंडिया के खदानों के लिये कोयला बेड मीथेन निकालने के अधिकारों की नीलामी होगी।

  •     खनिज क्षेत्र में खोज-खनन-उत्पादन एक समग्र अनुमति की व्यवस्था की शुरुआत की जाएगी। 500 ब्लॉकों की नीलामी होगी।

  •     बॉक्साइट और कोयला के खदानों की संयुक्त नीलाती होगी।

  •     खनन के पट्टे देते समय भुगतान किये जाने वाले स्टाम्प शुल्क को तर्गसंगत बनाया जायेगा।



बिजली वितरण:




  •     केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) का निजीकरण किया जायेगा।

  •     बिजली की दर की नीति में सुधार किया जायेगा।



सामाजिक बुनियादी संरचना...




  • अस्पतालों समेत सामाजिक बुनियादी संरचना के विकास में वीजीएफ में सरकार की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत, इससे 8,100 करोड़ रुपये खर्च होंगे।



परमाणु ऊर्जा:




  •     कैंसर एवं अन्य बीमारियों के किफायती उपचार के लिये पीपीपी आधार पर अनुसंधान नाभिकीय संयंत्र बनाये जायेंगे।

  •     कृषि सुधारों को बढ़ाने तथा किसानों की मदद करने के लिये खाद्य प्रसंस्करण में विकिरण प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने वाले संयंत्र पीपीपी आधार पर बनाये जायेंगे।


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    Comments

    • this is the right step toward development .

      Commented by :satyavir singh
      19-05-2020 14:47:10

    • True news channel

      Commented by :Anant Singh
      18-05-2020 17:46:07

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