सोना और चांदी मे फिर से आई भारी गिरावट

Medhaj News 13 Oct 20 , 18:19:22 Business & Economy Viewed : 416 Times
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एक दिन की तेजी के बाद आज फिर सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। सोना अब तक अपने ऑल टाइम हाई से 5000 रुपये से भी अधिक गिर चुका है। कमजोर वैश्विक रुख के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोना 133 रुपये की गिरावट के साथ 51,989 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। तीन सत्रों की तेजी के बाद यह गिरावट आई है। इससे पूर्व के कारोबारी सत्र में सोना 52,122 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी 875 रुपये गिर कर 63,860 रुपये प्रति किलोग्राम पर टिकी। पिछले दिन बंद भाव 64,735 रुपये था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1,919 डॉलर प्रति औंस पर नरम था और चांदी 24.89 डॉलर प्रति औंस पर लगभग पिछले स्तर पर बनी हुई थी। एचडीएफसी सिक्युरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, ‘‘डॉलर में सुधार और अमेरिकी प्रोत्साहन पैकेज की उम्मीद में शेयर बाजार की मजबूती से सोने पर दबाव बना रहा।’’

सुबह भी गिरावट के साथ खुला था सोना - एक दिन की तेजी के बाद सोने में फिर गिरावट देखी जा रही है। MCX पर दिसंबर डिलिवरी वाला सोना आज 237 रुपये की गिरावट के साथ खुला। सोमवार को यह 51107 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था और आज 50870 रुपये के भाव पर खुला। शुरुआती कारोबार में ही इसने 50766 रुपये का न्यूनतम और 50870 रुपये का उच्चतम स्तर छू लिया। सुबह 10 बजे यह 296 रुपये की गिरावट के साथ 50811 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।

सोमवार को सर्राफा बाजार में दिखी थी तेजी - डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से दिल्ली सर्राफा बाजार में सोमवार को सोना 240 रुपये की तेजी के साथ 52,073 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। एचडीएफसी सिक्युरिटीज ने यह जानकारी दी। इससे पिछले दिन के कारोबार मे सोना 51,833 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी की कीमत भी 786 रुपये की तेजी के साथ 64,927 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई जो कीमत पिछले कारोबारी सत्र में 64,141 रुपये प्रति किलोग्राम रही थी।

क्या सोना कोरोना काल से पहले की स्थिति में लौट आएगा? - कोरोना वायरस की वजह से शेयर बाजार में एक तगड़ी गिरावट देखने को मिली थी। समय बीतने के साथ-साथ शेयर बाजार उस तगड़ी गिरावट से लगातार उबर रहा है। दुनिया भर के अधिकतर शेयर बाजार कोरोना की वजह से आई गिरावट से मजबूती से लडते हुए रिकवर कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सोना (today gold price) अपना ऑल टाइम हाई छू कर वापस आ चुका है। आए दिन सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अब सवाल ये उठता है कि क्या सोना भी कोरोना काल से पहले वाली स्थिति में लौट आएगा, क्योंकि ये ट्रेंड देखा गया है कि शेयर बाजार मजबूत होता है तो सोना कमजोर होता है और इसका उल्टा भी होता है। तो क्या सोना अभी और सस्ता होगा, क्योंकि जनवरी में सेंसेक्स 41 हजार के करीब था, तब सोने की कीमत भी 41 हजार के करीब थी।

सोने-चांदी में आई है कितनी गिरावट?- पिछले महीने 7 अगस्त को सोने ने वायदा बाजार में अपना उच्चतम स्तर यानी ऑल टाइम हाई छुआ था और प्रति 10 ग्राम की कीमत 56,200 रुपये हो गई थी। वहीं आज सोना 51 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। यानी तब से लेकर अब तक सोने में करीब 5000 रुपये से भी अधिक की गिरावट आ चुकी है। सोने में आई इस गिरावट को निवेशक शेयर बाजार की तेजी के साथ भी जोड़कर देख रहे हैं।

एक्सपर्ट्स की मानें तो जारी रहेगा उतार-चढ़ाव - मोतीलाल ओसवाल फाइनेंसियल सविर्सिज के जिंस शोध के उपाध्यक्ष नवनीत दमानी कहते हैं कि सोना ऊंचाई से गिरकर 50 हजार रुपये के दायरे में आया है, जबकि चांदी 60 हजार रुपये के दायरे में आ चुकी है। उनका मानना है कि आने वाले दिनों में भी उतार चढ़ाव जारी रह सकता है। केडिया कैपिटल के डायरेक्टर अजय केडिया मानते हैं कि स्टिमुलस पैकेज ने शेयर बाजारों के लिए स्टेरॉयड का काम किया। इसी की वजह से शेयर बाजार में तेजी आई है, लेकिन इसे नेचुरल नहीं कहा जा सकता।

सोना सस्ता होगा या महंगा? - सोने में गिरावट की एक बड़ी वजह है पिछले 2 महीनों में रुपये में आई मजबूती। अभी रुपये 73-74 रुपये प्रति डॉलर तक मजबूत हो चुका है, जो कुछ महीने पहले 76-77 रुपये प्रति डॉलर तक कमजोर हो गया था। अगर फिर से डॉलर मजबूत होता है तो सोने में लॉन्ग टर्म में फिर से मजबूती देखने को मिलेगी और डॉलर का फिर से मजबूत होना लगभग तय ही है। यानी सोना अगले साल तक 60-70 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।

एक नजर सोने और सेंसेक्स की तुलना पर -  24 फरवरी 2020 को सोना 41 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था जबकि सेंसेक्स 40,363 के स्तर पर था। 15 मई तक सोना 47 हजार से भी ऊपर पहुंच गया, जबकि सेंसेक्स गिरकर 27,500 के करीब आ गया। कोरोना काल के दौरान 7 अगस्त को सोने ने 56,254 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऑल टाइ हाई छू लिया, जबकि सेंसेक्स भी काफी रिकवर होकर 37,600 के स्तर पर पहुंच गया। 30 सितंबर तक सोना गिरकर 50,400 के करीब पहुंच गया है, जबकि सेंसेक्स अभी भी 38 हजार के दायरे में है।

इस बार फेस्टिव सीजन में भी कम रहेगी मांग - अक्टूबर-नवंबर के दौरान अमूमन सोने की मांग काफी बढ़ जाती है। इसकी वजह है फेस्टिव सीजन का आना। दिवाली के करीब सोना हमेशा चमकता है, लेकिन कोरोना की वजह से इस बार लोगों को आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है, जिसका सीधा असर सोने की मांग पर पड़ा है। मुंबई के एक गोल्ड डीलर का कहना है कि इस बार फेस्टिव सीजन के दौरान भी मांग कम ही रहने का अनुमान है, क्योंकि कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं।

कोरोना काल में सोना बना वरदान - सोना गहरे संकट में काम आने वाली संपत्ति है, मौजूदा कठिन वैश्विक परिस्थितियों में यह धारणा एक बार फिर सही साबित हो रही है। कोविड-19 महामारी और भू-राजनीतिक संकट के बीच सोना एक बार फिर रिकॉर्ड बना रहा है और अन्य संपत्तियों की तुलना में निवेशकों के लिए निवेश का बेहतर विकल्प साबित हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि उतार-चढ़ाव के बीच सोना अभी कम से कम एक-डेढ़ साल तक ऊंचे स्तर पर बना रहेगा। दिल्ली बुलियन एंड ज्वेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विमल गोयल का मानना है कि कम एक साल तक सोना उच्चस्तर पर रही रहेगा। वह कहते हैं कि संकट के इस समय सोना निवेशकों के लिए ‘वरदान’ है। गोयल मानते हैं कि दिवाली के आसपास सोने में 10 से 15 प्रतिशत तक का उछाल आ सकता है।

मुसीबत की घड़ी में हमेशा बढ़ी है सोने की चमक! - सोना हमेशा ही मुसीबत की घड़ी में खूब चमका है। 1979 में कई युद्ध हुए और उस साल सोना करीब 120 फीसदी उछला था। अभी हाल ही में 2014 में सीरिया पर अमेरिका का खतरा मंडरा रहा था तो भी सोने के दाम आसमान छूने लगे थे। हालांकि, बाद में यह अपने पुराने स्तर पर आ गया। जब ईरान से अमेरिका का तनाव बढ़ा या फिर जब चीन-अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर की स्थिति बनी, तब भी सोने की कीमत बढ़ी।

 


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