ये तो न सोचा था- भाग 10

Medhaj news 3 Jun 20 , 17:52:25 Business & Economy Viewed : 1216 Times
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नोट: अगर आपने इस कहानी के पिछले भाग नहीं पढ़े हैं तो नीचे दिए गए लिंक पर जाकर पढ़ सकते हैं-
भाग- 1: ये तो न सोचा था
भाग- 2: ये तो न सोचा था
भाग- 3: ये तो न सोचा था
भाग- 4: ये तो न सोचा था
भाग- 5: ये तो न सोचा था
भाग- 6: ये तो न सोचा था
भाग- 7: ये तो न सोचा था
भाग- 8: ये तो न सोचा था
भाग- 9: ये तो न सोचा था


भाग- 10: ये तो न सोचा था?



महेंद्र और शुभी (आश्चर्य से एक साथ )- अरे कुसुम! पर तुम यहाँ कैसे?

कुसुम- शुभी, मुझे प्रियल ने फ़ोन करके ये बोला की मॉम का एक्सीडेंट हो गया है और बाएं हाथ में फ्रैक्चर है। पर मुझे जैसे ही पता चला कि तुम रायगढ़ आयी हो तो मुझे लगा कि शायद आप दोनों के बीच की गलतफमियाँ दूर कर सकूँ। पर जब यहाँ आयी तो देखा कि आप दोनों तो पहले से ही शिकवें-शिकायतों में उलझे हुए हैं। तुम्हें पता है शुभी, महेंद्र जी ने भी दोबारा शादी नहीं की। हमेशा कहते थे कि मेरी शुभी की जगह कोई नहीं ले ही सकता और, वैसे भी मैं अपनी शुभी और प्रियल से सिर्फ तन से ही तो दूर हूँ, मन तो मेरा उन्हीं में बसता हैं। शुभी मेरी बात मान तो जो हुआ सो हुआ अब से महेंद्र जी के साथ नए जीवन की शुरुआत करके अपने परिवार को पूरा कर ले। पिया को भी पिता का साया मिल जायेगा।

(शुभी और महेंद्र जी आँखों में पश्चाताप के आँसू लिए एक-दूसरे को देख रहे थे)

शुभी फिर कुसुम की तरफ मुखातिब होकर- नहीं कुसुम, अब बहुत देर हो गयी है और पता नहीं पिया ये सच जानकर सब कुछ अपना पायेगी कि नहीं आखिर मेरे साथ-साथ उसने भी तो संघर्ष किया है बिना पिता के जीवन जीने का। और तुमने भी तो मुझे उस समय कुछ नहीं बताया था शायद मैं कुछ कोशिश कर पाती उस समय।

कुसुम: शुभी, सच बताओ अगर कोई और तरीका होता तो क्या महेंद्र जी तुम्हें और पिया को खुद से दूर जाने देते? उन्हें ये डर था कि आगे भी उनके माता-पिता तुम्हें और पिया को कोई नुकसान पहुँचा सकते हैं। तभी उन्हें ऐसा कठोर निर्णय लेना पड़ा। मुझे भी उन्होंने ही मना किया था तुम्हें कुछ भी बताने के लिए और सच कहूं तो मुझे भी उस समय वही सही लगा था।

शुभी माना कि बहुत देर हो गयी है और तुम्हारे बीते हुए दिन कोई वापस नहीं ला सकता है? पर ये भी सच है कि नयी शुरुआत कभी भी की जा सकती है। अपनी पिया समझदार है और सही से बताने पर वो जरूर समझेगी।

शुभी (पिया का नाम सुनते ही ध्यान फिर उसकी ओर चला जाता है)- पिया….वो तो है पर पिया ने तुमसे ऐसा कहा क्यों? वहाँ दूसरी तरफ मुझे इसका उल्टा बताया गया की पिया का एक्सीडेंट हो गया है और उसके बायें हाथ में फ्रैक्चर के कारण प्लास्टर चढ़ा है। मैं तो सुबह उसे हॉस्पिटल में मिल कर भी आयी हूँ।

कुसुम: अब ये तो मुझे नहीं पता, पर उसी ने मुझे यहाँ बुलाया है।

शुभी- नहीं कुसुम अब कुछ नहीं हो सकता, बहुत देर हो चुकी है किसी भी नयी शुरुआत के लिए। चलो कुसुम, यहाँ से।

महेंद्र- नहीं शुभी ऐसा न कहो, बहुत दूर रह लिया मैं तुमसे और अपनी प्रियल से अब ये जुदाई की सजा और न दो। तुम दोनों के बिना मैंने ये ज़िन्दगी कैसे जी है मैं ही जानता हूँ, बस खता यही हुई कि खुलकर अपने ज़ज़्बातों को बता नहीं पाया –



मेरी ज़िन्दगी और खामोशियों का जब साथ हो जाये,

तब याद करना मुझे....शायद तुम्हे मेरी कमी का एहसास हो जाये।

किन उम्मीदों को लिये कोई जी रहा था तुम्हारे बिना,

शायद ये एहसास तुझे मेरे जाने के बाद हो जाये।

बहुत ज्यादा पाने की चाहत थी ही ना कभी,

पर कम के लिये भी तरसे हैं, शायद ही कभी तू ये जान भी पाये।

रह-रह के हर ज़ज्बातों को दिल में दबाते गये हम,

बस यही सोच कर लफ्ज़ दिल में ही रह गये, कभी होंठों तक न आये।

अब समझ नहीं आता क्या नाम दूँ उन चन्द लम्हों के साथ को,

न ही कुछ छुपा पाये, न ही खुलकर बता पाये।


कुसुम: पर प्रियल हैं कहाँ?

शुभी (कुछ सोचने के बाद, अपने होंठों पर एक उँगली रख कर दोनों चुप रहने का इशारा करते हुए): आप दोनों मेरे पास आइये ज़रा।

(शुभी ने दोनों को पास बुलाकर खुसफुसाते हुए कुछ कहा)

शुभी (तेज आवाज में): मैंने कहा न कुसुम कि अब कुछ नहीं हो सकता। चलों यहाँ से।

तभी प्रियल भागकर चिल्लाते हुए आती है….

यस मम्मा, पापा और मौसी दोनों ठीक कह रहे हैं मैं कहीं नहीं जा रही यहाँ से और दौड़कर आकर महेंद्र जी के गले लग जाती है। (आँखों में आँसू लिए) 'पापा ....आई मिस्ड यू सो मच इन माय लाइफ।' फिर शुभी कि ओर देखते हुए। पर मम्मा आपने मुझसे झूठ क्यों बोला कि मेरे पापा अब इस दुनिया में………..आप सच भी तो बता सकती थी मुझे?

महेंद्र जी (प्रियल के गले लगते ही इमोशनल हो जाते हैं)- आई लव यू टू एंड आल्सो मिस्ड सो मच टू यू बोथ । और प्रियल के माथे को चूम लेता है।

शुभी (आँखों में आँसू और होंठों पर मुस्कान लिए हुए प्रियल के कान पकड़ते हुए)- बदमाश, छुपकर बड़ों की बातें सुनती है और तेरे हाथ में तो फ्रैक्चर हुआ था न?

प्रियल (दाँतों के बीच में जीभ दबाते हुए और दोनों हाथों से अपने कानों के पकड़ते हुए): सॉरी मम्मा, सॉरी मौसी; अब तो आप लोग समझ ही गए होंगे न कि मैंने आपसे और कुसुम मौसी से झूठ बोला था ताकि आप दोनों यहाँ आ जायें। पर आपने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया?



(आधी मिस्ट्री तो सोल्व हो गयी पर फिर भी प्रियल के सवाल का जवाब आना अभी बाकी है। क्या जवाब देगी शुभी? ये जानने के लिए जुड़े रहें मेधज न्यूज़ के साथ)



[ इस कहानी का अगला भाग पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें- भाग- 11: ये तो न सोचा था ]



----(भावना मौर्य)------



 



 


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    Comments

    • Nice story

      Commented by :Sunil Sharma
      13-06-2020 10:01:38

    • Nice line

      Commented by :Shankar Kumar
      08-06-2020 13:05:08

    • बहुत ही सुन्दर रचना है। अगली कड़ी का इंतजार है। एक संवेदनशील और भावुक विषय को बहुत अच्छे से पिरोया है और प्रस्तुत किया है।

      Commented by :Sugandha Vashishtha
      04-06-2020 20:09:38

    • Nice lines

      Commented by :Sirajuddin Ansari
      04-06-2020 18:57:32

    • Aur kitne parts baki hai?

      Commented by :Ashish Kumar
      04-06-2020 15:08:09

    • Nice

      Commented by :Swati
      04-06-2020 15:05:03

    • Interesting

      Commented by :Kunal chandra
      04-06-2020 15:03:48

    • Nice story

      Commented by :Jayanta Kumar Barik
      04-06-2020 15:03:24

    • Nice

      Commented by :Akhilesh
      04-06-2020 11:32:41

    • Very nice story

      Commented by :Ajeet Kumar
      04-06-2020 10:55:21

    • Nice story

      Commented by :Chandan kumar Safi
      04-06-2020 10:42:32

    • Waiting for happy ending!

      Commented by :Saurav kumar
      04-06-2020 09:59:44

    • Nice story

      Commented by :Mrityunjay Shukla
      04-06-2020 08:40:57

    • Very nice story

      Commented by :Manoj Kumar
      04-06-2020 07:58:25

    • Jarur maam hum jude huye hai medhaj news k sath... But ab aur control ni ho raha... Fantastic written maam

      Commented by :Harshit uttarakhand
      04-06-2020 02:29:41

    • Marvellous story

      Commented by :Sheetal Singh
      04-06-2020 00:08:51

    • Good......

      Commented by :Rajesh Kumar
      03-06-2020 23:26:44

    • Ati Sundar story

      Commented by :Brijesh Patel
      03-06-2020 22:48:05

    • ये रचना बहुत ही सुन्दर तरीके से रचा गया है। मैं रो जब भी पढता हूँ मेरे सामने फ़िल्मी दृश्य ओभरने लगता है।

      Commented by :????????
      03-06-2020 22:38:43

    • Nice

      Commented by :Manoj Singh,uttarakhand
      03-06-2020 22:35:59

    • Bahut sunder line

      Commented by :Shyam Shankar shukla
      03-06-2020 22:31:36

    • Super line

      Commented by :Bheem nishad
      03-06-2020 21:56:42

    • Great story building up

      Commented by :Diksha Vishwakarma
      03-06-2020 21:49:09

    • Very good mentioned social scenario in this writing.

      Commented by :Mohammad Ashhab Alam
      03-06-2020 21:46:53

    • Very Nice...!

      Commented by :Pawan Tiwari
      03-06-2020 21:44:06

    • Very gud lines

      Commented by :Harendra Singh
      03-06-2020 21:33:00

    • OK ma'am

      Commented by :Bhimlal Mahto
      03-06-2020 21:26:10

    • Ok

      Commented by :Manish Ranjan
      03-06-2020 21:16:18

    • Good

      Commented by :Aniket Pandey
      03-06-2020 20:47:02

    • Nice line

      Commented by :Bal Gangadhar Tilak
      03-06-2020 20:41:58

    • Nice

      Commented by :Md Shajad Ansari 7 2
      03-06-2020 20:24:58

    • Nice line

      Commented by :Mithilesh Kumar Panda
      03-06-2020 20:19:46

    • Nice

      Commented by :Sandeep kumar yadav
      03-06-2020 20:18:30

    • As usual Nice....

      Commented by :Namit
      03-06-2020 20:09:40

    • Very nice

      Commented by :Ajay Kumar Azad
      03-06-2020 20:08:11

    • Very nice

      Commented by :Arun Kumar Yadav
      03-06-2020 20:05:29

    • Very nice

      Commented by :Pravesh Kumar Satyarthi
      03-06-2020 20:01:22

    • Beautiful

      Commented by :Manoja Kumar Pradhan
      03-06-2020 20:00:23

    • Nice

      Commented by :Dilip Singh
      03-06-2020 20:00:06

    • Very nice story

      Commented by :Vartika Mishra
      03-06-2020 19:58:19

    • Nice poem

      Commented by :Aslam
      03-06-2020 19:52:28

    • Nice story

      Commented by :Ravindra
      03-06-2020 19:47:52

    • Nice story

      Commented by :Rinku ansari
      03-06-2020 19:25:57

    • Superb

      Commented by :Arun Kumar Yadav
      03-06-2020 19:25:02

    • Nice story

      Commented by :Shambhu Kumar
      03-06-2020 19:20:28

    • Nice, carry on

      Commented by :Zain
      03-06-2020 19:18:10

    • Nice Story

      Commented by :Shiv Shankar Kumar
      03-06-2020 19:13:56

    • Superb

      Commented by :Anshu jha
      03-06-2020 19:13:47

    • Nice story again.

      Commented by :Nityanand kumar
      03-06-2020 19:13:30

    • Nice

      Commented by :Subrata Kumar mahato
      03-06-2020 19:08:09

    • Nice story

      Commented by :Gyanaranjan Panda
      03-06-2020 19:07:44

    • Nice story

      Commented by :Umashankar Singh ( DSS)
      03-06-2020 19:03:29

    • Nice poem.

      Commented by :Pankaj Kumar
      03-06-2020 19:03:08

    • Nice story

      Commented by :Nasir Hussain
      03-06-2020 19:02:49

    • Very nice to lovely story.

      Commented by :LAL KRISHNA LAL
      03-06-2020 19:01:30

    • Interesting

      Commented by :Alok Kumar Monu
      03-06-2020 19:00:52

    • Interesting

      Commented by :Gaurav Kumar
      03-06-2020 18:59:50

    • Nice story

      Commented by :Surya
      03-06-2020 18:58:36

    • Nice story

      Commented by :Rakesh Roy
      03-06-2020 18:58:09

    • Awesome line

      Commented by :Bimlesh Kumar
      03-06-2020 18:57:26

    • Interesting story

      Commented by :Maneri Lal Suman..Jaunpur
      03-06-2020 18:57:01

    • Super

      Commented by :Raja Kumar Gupta
      03-06-2020 18:56:05

    • Nice

      Commented by :Mithun Kumar
      03-06-2020 18:55:35

    • Superb

      Commented by :Sateesh singh
      03-06-2020 18:55:31

    • Nice story

      Commented by :Rahul Kumar
      03-06-2020 18:55:10

    • Nice story

      Commented by :Ravi Roshan Paswan
      03-06-2020 18:55:08

    • Very very nice

      Commented by :Amit Kumar
      03-06-2020 18:54:27

    • Nice story

      Commented by :Mitthu
      03-06-2020 18:53:32

    • Very nice

      Commented by :Nandan Kumar Gupta
      03-06-2020 18:52:47

    • Nice story

      Commented by :Dheerendra Nice
      03-06-2020 18:51:34

    • Bahut khoob mam....

      Commented by :Mohit Kumar
      03-06-2020 18:50:09

    • उलझने सुलझ गयी,,खामोशी से ।

      Commented by :Vishal Rajak
      03-06-2020 18:49:29

    • good

      Commented by :Usha Rai Hajipur
      03-06-2020 18:48:20

    • well narrated..

      Commented by :barjinder
      03-06-2020 18:45:26

    • Very intresting

      Commented by :Pankaj kumar
      03-06-2020 18:43:25

    • Interesting story.

      Commented by :Sameer Siddiquee Almora
      03-06-2020 18:39:52

    • Bahut khoob. Interesting story

      Commented by :Vikash Kumar sinha
      03-06-2020 18:24:04

    • Ture line

      Commented by :Priyanshu kumar Priyadarshi
      03-06-2020 18:21:26

    • Ture line

      Commented by :Priyanshu kumar Priyadarshi
      03-06-2020 18:21:25

    • True lines

      Commented by :Harshil singh
      03-06-2020 18:03:19

    • True lines

      Commented by :Harshil singh
      03-06-2020 18:03:01

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