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क्या पी. एफ. अकाउंट में जमा पैसे पर कर्मचारी को ब्याज भी मिलता है ?

Medhaj News 4 Jan 21 , 06:03:52 Business & Economy Viewed : 612 Times
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प्रोविडेंट फंड के बारे में ज्यादातर लोग जानते हैं. लेकिन, अक्सर कन्फ्यूज होते हैं कि एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक है।  इसलिए जरूरी है यह समझा जाए कि इनमें अंतर क्या है। लेकिन, इससे पहले ये भी जान लीजिए एक और तरह का प्रोविडेंट फंड होता है जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF). कुल मिलाकर 3 तरह के प्रोविडेंट फंड होते हैं।  तीनों में बहुत अंतर होता है. सरकार समय-समय पर तीनों की ब्याज दर में बदलाव करती है।

PF पर हर वित्त वर्ष के लिए सालाना ब्याज दर तय की जाती है। वहीं, PPF के लिए हर तिमाही पर ब्याज दर तय होती है. दरअसल, एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) की ब्याज दर EPFO तय करता है और उसकी मंजूरी वित्त मंत्रालय से ली जाती है। वहीं, पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) सरकार की छोटी बचत योजनाओं के तहत आने वाली स्कीम है, इसलिए हर तिमाही आधार पर इसके ब्याज में बदलाव होता है। वहीं, जनरल प्रोविडेंट फंड की बात करें तो यह सरकारी कर्मचारियों के लिए है. इस पर भी ब्याज दर तिमाही आधार पर तय होती है।

क्या होता है EPF?

कर्मचारी भविष्य निधि या एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) एक निवेश योजना है, जो हर नौकरीपेशा को दी जाती है।कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) सभी ईपीएफ खातधारकों के अंशदान का रखरखाव करता है. ईपीएफ सरकारी और गैर सरकारी सभी कर्मचारियों के लिए निवेश स्कीम है। नियमों के मुताबिक, जिस कंपनी में 20 से अधिक कर्मचारी होते हैं, उसका रजिस्ट्रेशन EPFO में होना जरूरी है. EPF की राशि हर कर्मचारी की सैलरी से काटी जाती है। बेसिक सैलरी का 12 फीसदी कर्मचारी के वेतन से EPF में जमा होता है। 12 फीसदी कंपनी भी देती है, जिसमें 8.33 फीसदी आपके पेंशन स्कीम (EPS) अकाउंट में और बाकी 3.67 फीसदी EPF में जमा होता है। फिलहाल, EPF पर 8.65 फीसदी ब्याज मिलता है। 


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      Commented by :Ravi shankar pandey
      04-01-2021 12:47:36

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