चंद्रयान-3 ने अपनी चौथी कक्षा पूरी कर ली

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा गुरुवार को चंद्रयान -3 परियोजना का चौथा कक्षा-उत्थान ऑपरेशन (पृथ्वी-बाउंड पेरिजी फायरिंग) सफलतापूर्वक किया गया।

अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, भारत चंद्रयान-3 को चंद्रमा के एक कदम करीब ले जाकर 2023 में अंतर्राष्ट्रीय चंद्रमा दिवस मनाएगा। ISTRAC/ISRO, बेंगलुरु से, चौथा कक्षा-उत्थान पैंतरेबाज़ी (पृथ्वी-बाउंड पेरिगी फायरिंग) सफलतापूर्वक किया गया है।

इसरो के अनुसार, चंद्रयान-3 ने 71351 किमी x 233 किमी की अपनी नियोजित कक्षा हासिल की। इसका मतलब यह है कि चंद्रयान-3 अब एक कक्षा में है, जो पृथ्वी के सबसे करीब होने पर 233 किमी और सबसे दूर 71,351 किमी पर है।

दोपहर 2.35 बजे 14 जुलाई को, श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के लॉन्च वाहन मार्क -3 (एलवीएम -3) ने चंद्रयान -3 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया, जिसे तब 36,500 किमी गुणा 170 किमी की अण्डाकार पार्किंग कक्षा में स्थापित किया गया था।

चार कक्षा-उत्थान अभियानों को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, अगली आग 25 जुलाई को दोपहर 2 से 3 बजे के बीच निर्धारित की गई है। 

इसरो के अध्यक्ष एस.सोमनाथ के अनुसार, 14 जुलाई को प्रक्षेपण के बाद 31 जुलाई तक पृथ्वी की ओर जाने वाली सभी गतिविधियाँ की जाएंगी। उसके बाद 1 अगस्त को ट्रांस लूनर सम्मिलन होगा। 23 अगस्त को शाम 5:47 बजे, मिशन का लैंडर चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट-लैंडिंग करने वाला है।

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