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डेटा प्रोटेक्शन बिल: डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट लागू! बिल को राष्ट्रपति मुर्मू की मंजूरी

राष्ट्रपति मुर्मू ने डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन बिल को मंजूरी दे दी है, लोकसभा और राज्यसभा से मंजूरी के बाद बिल को राष्ट्रपति के पास भेजा गया. राष्ट्रपति ने आज इस पर हस्ताक्षर कर इसे कानून बना दिया।

डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन: नये कानून का आगमन

इससे सोशल मीडिया के आधार पर किसी व्यक्ति की जानकारी इकट्ठा करने वाली कंपनियां कानून के दायरे में आ जाएंगी. साथ ही, सोशल मीडिया कंपनियों को उपभोक्ताओं की निजी जानकारी एकत्र करने से पहले उनकी सहमति लेनी होगी। इस नियम का उल्लंघन करने वाली कंपनी पर कानून में 250 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।

डेटा सुरक्षा के प्रमुख प्रावधान

यह अधिनियम सरकार को डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड बनाने का अधिकार देता है, जो सोशल मीडिया पर सामग्री के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार रखता है। दूसरी ओर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि यह कानून सरकार की ओर से सोशल मीडिया पर लगाम लगाने की कोशिश है

बिल में प्रमुख प्रावधान

क्या हैं प्रावधान? डेटा सुरक्षा के साथ-साथ नागरिकों के अधिकार और कर्तव्य भी।
डेटा का दुरुपयोग रोकें. व्यक्तिगत डेटा का संग्रह और उपयोग वैध तरीके से और सुरक्षित रूप से किया जाना चाहिए।
डेटा का उपयोग केवल सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए।
दुरुपयोग की स्थिति में उपयोगकर्ता संगठनों पर दायित्व तय करना।
नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
डेटा संरक्षण बोर्ड की स्थापना।
उल्लंघन की सूचना पारदर्शी तरीके से सुरक्षा बोर्ड को दी जानी चाहिए।

समापन और सामान्य प्रश्न

इस बिल के पास होने से डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। यह सुनिश्चित करता है कि नागरिकों के डेटा का सुरक्षित और विवादरहित उपयोग होता है।

FAQs

क्या डेटा प्रोटेक्शन बिल के तहत किस प्रकार की कंपनियों पर प्रावधान है?
डेटा प्रोटेक्शन बिल के तहत वे कंपनियां शामिल हैं जो सोशल मीडिया पर उपभोक्ताओं की जानकारी इकट्ठा करती हैं, उन्हें उपभोक्ताओं की सहमति के बिना नहीं करने दी जाएगी।

क्या बिल के तहत किसी कंपनी पर जुर्माना होगा अगर वे नियमों का उल्लंघन करती है?
हां, बिल के तहत किसी भी कंपनी पर नियमों का उल्लंघन करने पर कठोर जुर्माना हो सकता है, जो कानून में 250 करोड़ रुपये तक हो सकता है।

क्या बिल में नागरिकों के डेटा की सुरक्षा के लिए कौन-कौन से प्रावधान हैं?
बिल में नागरिकों के डेटा की सुरक्षा के लिए कई प्रावधान हैं, जैसे कि उपभोक्ताओं की सहमति के बिना डेटा का इकट्ठा नहीं किया जा सकेगा और उल्लंघन करने पर जुर्माना होगा।

क्या बिल के अंतर्गत सरकार को किसी कंपनी पर नियंत्रण का अधिकार होगा?
जी हां, बिल के तहत सरकार को सोशल मीडिया पर सामग्री के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार होगा, जो उपभोक्ताओं के हित में होगा।

क्या बिल से सोशल मीडिया कंपनियों को कौन-कौन से नए जिम्मेदारियाँ मिलेंगी?
बिल से सोशल मीडिया कंपनियों को उपभोक्ताओं की सहमति के बिना जानकारी इकट्ठा करने की जिम्मेदारी मिलेगी, साथ ही वे सुरक्षित रूप से उपयोगकर्ताओं के डेटा का संग्रह करने के लिए उपायोगकर्ताओं से सहमति लेने के लिए जिम्मेदार रहेंगी।

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