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Delhi University: स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी, 2021 में पास आउट 1.70 छात्रों को मिलेगी डिग्री

नई दिल्ली | पहली बार दिल्ली विश्वविद्यालय ( Delhi University ) वर्ष 2021 में पासआउट करने वाले सभी छात्रों को हाथों हाथ डिग्री देने की योजना बना रहा है। विश्वविद्यालय ने इसके लिए एक लाख सत्तर हजार से अधिक छात्रों को डिग्री प्रदान कर सकता है। दूसरी ओर कई विश्वविद्यालय ऐसे भी हैं जहां डिग्री का बैकलॉग लंबे समय से लंबित है।

दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन ( Examination ) प्रोफेसर डीएस रावत ने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय वर्ष 2021 में पासआउट होने वाले सभी छात्रों को डिग्री देने की योजना बना रहा है। यह काम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के 2 महीने के भीतर हो सकता है।

प्रोफेसर डीएस रावत ने कहा कि डिग्रियां का डेटा संबंधित प्रिंटर को प्रिंट करने के लिए भेजा जा रहा है। पहले डिग्री का डेटा कॉलेजों के माध्यम से एकत्र किया जा रहा था जो कि एक टाईम लेने वाली प्रक्रिया है और साथ ही कम समय में यह डेटा संग्रह बहुत मुश्किल था।

प्रोफेसर रावत ने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय ने परीक्षा फॉर्म में बदलाव किया है। अब इसमें छात्रों को नामांकन संख्या, नाम हिंदी में भरने के लिए कहा गया था। यह जानकारी उनके एडमिट कार्ड और मार्कशीट में दिखाई गई थी। परिणाम घोषित होने के बाद 1.7 लाख से अधिक छात्रों को उनकी मार्कशीट की जांच करने के लिए ईमेल भेजा गया।

प्रोफेसर रावत ने बताया कि इस दौरान छात्रों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि यदि किसी सुधार की आवश्यकता है तो उन्हें कॉलेज से संपर्क करना चाहिए। इस अभ्यास से हमारे पास 2021 के सभी पासआउट का डेटा है। दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा यह डेटा प्रिंटर को भेजा जा रहा है।

दिल्ली विश्वविद्यालय के मुताबिक इस वर्ष जो कुल डिग्रियां तैयार की जा रही है उनमें 77563 रेगुलर कॉलेजों के छात्र हैं। इनमें अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट दोनों ही पाठ्यक्रमों के छात्र शामिल है। रेगुलर छात्रों के अलावा एसओएल में अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के 91850 छात्र और पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के 1126 छात्र शामिल हैं।

गौरतलब है कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों समेत सहित देश भर के सभी विश्वविद्यालय अब डीजी लॉकर में रखे सर्टिफिकेट के जरिए छात्रों को दाखिला देंगे। देशभर में कोरोना के मौजूदा हालात और छात्रों की सुविधा को देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी ने डीजी लॉकर में रखी डिग्री को मान्यता दी है। इस संबंध में यूजीसी ने देशभर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए आवश्यक निर्देश भी जारी किया है। इसके साथ ही दाखिले का पारंपरिक तरीका भी मान्य रहेगा।

यूजीसी ने देशभर के विश्वविद्यालयों हेतु जारी किए गए अपने निर्देश में कहा है कि यदि दाखिले के समय कोई छात्र डीजी लॉकर में रखी डिग्री प्रस्तुत करे तो विश्वविद्यालयों को उसे मान्यता देनी होगी।

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