ड्रोन कृषि क्षेत्र का भविष्य है, इससे कृषि क्षेत्र में आयेगी नयी क्रांति

ड्रोन कृषि क्षेत्र का भविष्य है, इससे कृषि क्षेत्र में नयी क्रांति आयेगी। आज ड्रोन से कई प्रकार के कार्य किये जा सकते हैं। यह बातें आज यहां प्रदेश के सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने सहकारिता भवन के पीसीयू सभागार में इंस्टीट्यूट ऑफ को-आपरेटिव एण्ड कार्पोरेट मैनेजमेन्ट रिसर्च एण्ड ट्रेनिंग (आईसीसीएमआरटी) एवं विएशन साइंसेज द्वारा ‘‘जय किसान, जय विज्ञान-मिशन कृषि शक्ति’’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में कही।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जेपीएस राठौर ने कहा कि कृषि क्षेत्र में ड्रोन की उपयोगिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। ड्रोन द्वारा फसलों पर नैनो यूरिया, कीट नाशक का छिड़काव कर सकते है। जिसका डेमो सहकारिता मंत्री ने ड्रोन से गुलाब जल का छिड़काव करके दिया। उन्होंने कहा कि फसलों में कौन-सा रोग लगा है, इसकी जानकारी भी ड्रोन से मिल सकती है। किस क्षेत्र में कौन-सी फसल से तैयार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ड्रोन की उपयोगिया तभी सही सिद्ध होगी जब इसको चलाने के लिए प्रशिक्षित ड्रोन पायलट हों। प्रशिक्षित ड्रोन पायलट तैयार करने के लिए आईसीसीएमआरटी में ड्रोन पायलट का पाठ्यक्रम शुरू किया जायेगा।

सहकारिता मंत्री ने बताया कि सहकारिता क्षेत्र में नये सदस्यों को जोड़ने के लिए पूरे प्रदेश में 01 सितम्बर से 30 सितम्बर 2023 तक सदस्यता महा-अभियान चलाया जायेगा, इसके लिए पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। उन्होंने कहा सदस्यता अभियान के दौरान प्रति पैक्स कम से कम 200 सदस्य बनाये तथा रु0 1 लाख शेयर कैपिटल इकट्ठा करें, इससे पैक्स की स्थिति तो मजबूत होगी ही साथ ही सहकारी बैंकों की पूंजी में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के मजबूत होने से किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती आयेगी। इससे सहकारिता क्षेत्र में बहुत बड़ा परिवर्तन आयेगा। इस अवसर पर सहकारिता मंत्री द्वारा उ0प्र0 को-आपरेटिव युनियन लि0 तथा पीसीएफ द्वारा भारतीय बीज सहकारी समिति लि0 की सदस्यता प्राप्त कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने पर उक्त संस्थाओं के चेयरमैन तथा प्रबंध निदेशकों को प्रशास्ति-पत्र देकर सम्मानित एवं पीसीएफ के 10 मृतक आश्रितों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किये गये।

संगोष्ठी में प्रमुख सचिव सहकारिता बी0एल0 मीणा ने कहा कि 31 मार्च 2024 तक एक लाख सहकारी समितियां बढ़ानी है। उन्होंने कहा कि समितियों के साथ-साथ सदस्यता भी बढ़ायी जायेगी। इसीलिए सितम्बर माह में सदस्यता महा-अभियान चलाया जायेगा। बी0एल0 मीणा ने कहा कि पैक्स को मजबूत करने तथा परदर्शिता लाने के लिए इसको कम्प्यूटरीकृत किया जायेगा तथा पैक्स को बहुउद्देशीय बनाया जा रहा है।

फार्मगेट टैक्नालॉजी के सीईओ दुष्यन्त त्यागी ने कृषि क्षेत्र में ड्रोन के महत्व एवं आधुनिक तकनीक की उपयोगिता के विषय में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र अन्य क्षेत्रों के मुकाबले काफी पीछे है। मुक्त बाजार का फायदा कृषि क्षेत्र को बहुत कम हुआ है। उन्होंने कहा कि आज कृषि क्षेत्र के डिजटलीकरण की आवश्यकता है। दुष्यन्त त्यागी ने कहा कि किसानों को बाजार का अधिक लाभ तथा सभी सुविधायें व जानकारियां एक जगह पर मिल सके इसके लिए कनेक्टेड एग्रीकल्चर नेटवर्क तैयार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकि का उपयोग करते हुए सहकारी संस्थायें मिलकर कार्य करेंगी तो सहकारिता के उद्देश्य की पूर्ति शीघ्र होगी।

आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर सलिल गोयल ने कहा कि एक ऐसे प्लेटफार्म की आवश्यकता है, जहां किसानों को सभी जानकारियां एक ही स्थान पर मिल सके। उन्होंने जीआईएस बेस्ट एग्रीकल्चर इन्फार्मेशन सिस्टम के विषय में बताते हुए कहा कि यह एक ऐसा प्लेटफार्म है, जहां पर किसानों से संबंधित सभी जानकारियां उपलब्ध होंगी। कृषि उत्पादों के बाजार के साथ ही किसानों को किस समय कौन-सी फसल लगानी चाहिए इसकी जानकारी इस प्लेटफार्म पर उपलब्ध होगी।

संगोष्ठी में पीसीएफ के चेयरमैन वाल्मीकि त्रिपाठी, अपर अयुक्त एवं अपर निबंधक (बैंकिंग) बी0 चन्द्रकला एवं प्रबंध निदेशक उ0प्र0 को-आपरेटिव यूनियन लि0 श्रीकान्त गोस्वामी उपस्थित रहे। संगोष्ठी का संचालन प्रबंध निदेशक उ0प्र0 को-आपरेटिव बैंक लि0 आर0के0 कुलश्रेष्ठ ने किया।

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