जावेद अख्तर ने अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष की मस्जिदों को बंद करने की बात कहा

Medhaj News 31 Mar 20,20:28:45 , Entertainment Viewed : 7 Times
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कोरोना वायरस पर सरकार द्वारा इतने दिशा निर्देशों के बावजूद दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्थित मरकज में देश के अलग-अलग राज्यों से ही नहीं विदेशों से लोग शामिल हुए। कुल 1800 से ज्यादा लोग मरकज पहुंचे थे। एक से 15 मार्च तक चले इस जलसे में मलेशिया, अफगानिस्तान, कुवैत, अल्जीरिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और किर्गिस्तान सहित कई अन्य देशों से लोग शामिल हुए थे। ऐसे में अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष ताहिर महमूद ने दारूल उलूम देवबंद से कहा कि कोरोना वायरस को देखते हुए सभी मस्जिदों को बंद करने के लिए फतवा जारी करें। अब इस पर मशहूर लेखक और गीतकार जावेद अख्तर का बयान आया है।





जावेद अख्तर ने ट्वीट कर कहा- 'स्कॉलर और अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष ताहिर महमूद साहेब ने दारूल उलूम देवबंद से मस्जिदों को बंद करने का फतवा जारी करने के लिए कहा है, जब तक कि कोरोना का ये समय खत्म नहीं हो जाता। मैं पूरी तरह से उनकी इस मांग का समर्थन करता हूं। अगर काबा और मदीना की मस्जिद बंद हो सकती है तो भारत की मस्जिदों को क्यों बंद नहीं किया जा सकता?'

इस फैसले के बारे में जावेद अख्तर ने कहा, मैंने महसूस किया है कि हमें इस कठिन परिस्थिति का सामना कर रहे उन लोगों की मदद करनी चाहिए जिनके पास पर्याप्त रॉयल्टी नहीं है। हमने संगीत बिरादरी के लगभग 3,000 लोगों की एक सूची बनाई है। हमें उम्मीद है कि करीब एक सप्ताह में हम उन्हें वित्तीय राहत भेजना शुरू कर देंगे ताकि इससे वह अपनी बुनियादी आपूर्ति का प्रबंध कर सकें।


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