बिहार की नामी हिरोइन कुमकुम ने बॉलीवुड में कैसे किया राज, जाने

Medhaj News 29 Jul 20 , 16:03:03 Entertainment Viewed : 236 Times
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सुशांत सिंह राजपूत के बाद बिहार की मशहूर एक्ट्रेस कुमकुम का निधन हो गया है। सौ से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुकीं कुमकुम जमींदार फैमिली से ताल्लुक रखती थीं। उनका परिवार शेखपुरा के हुसेनाबाद गांव में रहता है। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आकस्मिक मौत से बिहार के लोग अभी उबरे भी नहीं थे कि एक और बुरी खबर आई है। मशहूर एक्ट्रेस कुमकुम का मंगलवार को निधन हो गया। वह 86 वर्ष की थीं। शेखपुरा जिले की रहने वाली कुमकुम ने बॉलीवुड में 100 से अधिक फिल्मों में लीड एक्ट्रेस के रोल निभाए। उन्होंने 'कभी आर, कभी पार' और 'मेरे महबूब कयामत होगी' जैसे लोकप्रिय गीतों में अभिनय किया। मौत की खबर से शेखपुरा जिले के लोग विशेष आहत हैं। खासकर उनके गांव हुसैनाबाद में गम का माहौल है। कुमकुम का असली नाम जैबुन्निसा था। उनकी ननद शहनाज ने बताया कि आयु संबंधी दिक्कतों के चलते बांद्रा स्थित आवास पर पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे उनका निधन हो गया। शहनाज ने कहा, ''उनको मजगांव कब्रिस्तान में दफनाया गया है।

जमींदार फैमिली से निकलकर ऐसे एक्ट्रेस बनीं कुमकुम-

कुमकुम बिहार के एक जमींदार फैमिली से ताल्लुक रखती थीं। उनके तीन भतीजे अभी भी हुसेनाबाद गांव में ही रहते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने उन्हें बताया था कि उनकी बुआ (कुमकुम) को बचपन से ही बॉलीवुड की चकाचौंध आकर्षित करती थीं। उस दौर में कुमकुम के पिता यानी नवाब साहब की रियासत दरभंगा से लेकर झारखंड तक फैला था। आजादी के बाद रियासत खत्म हो गया। इसके बाद नवाब साहब पूरे परिवार के साथ शेखपुरा में आकर बस गए थे। इस दौरान कुमकुम एक्ट्रेस बनने के लिए मुंबई चली गई थीं।

भतीजों ने बताया कि कुमकुम आखिरी बार 2010 में शेखपुरा और अपने गांव हुसैनाबाद आई थीं। साल 1973 में कुमकुम ने परिवार वालों की मर्जी से चीफ इंजीनियर सज्जाद अकबर से शादी रचाई थीं। इसके बाद वह बॉलीवुड से अलग सउदी अरब में शिफ्ट हो गई थीं। यहां वह करीब 20 साल रहीं। हुसेनाबाद गांव के लोगों ने बताया कि कुमकुम बेहद सरल स्वभाव की रहीं। वह जब कभी गांव आती तो बिल्कुल यहीं की हो जातीं। बातचीत या गांव वालों से मिलने-जुलने के दौरान उन्होंने कभी भी यह अहसास नहीं होने दिया कि वह जमींदार की बेटी हैं या बॉलीवुड की इतनी महान एक्ट्रेस हैं। उनके भतीजे सैयद मुशी हसन ने बताया कि कुमकुम के पिता का नाम नवाब मंजूर हसन खां था। वे हुसैनाबाद के अंतिम नवाब रहे। परिवार के लोगों ने बताया कि नवाब मंजूर हसन खां की बेगम बेटी कुमकुम को लेकर मुंबई में ही रहती थीं।

कुमकुम ने इन हिट फिल्मों में किया काम-

बिहार की एक्ट्रेस कुमकुम ने 'मिस्टर एक्स इन बॉम्बे', 'मदर इंडिया', 'कोहिनूर', 'उजाला' और 'नया दौर' समेत कई फिल्मों में यादगार अभिनय किया। कुमकुम ने 1963 में आई पहली भोजपुरी फिल्म 'गंगा मइया तोहे पियारी चढ़ाईबो' में भी अभिनय किया था। हालांकि उन्हें ज्यादा लोकप्रियता उन पर फिल्माए गए गीतों से मिली, जिनमें 'कोहिनूर' (1960) फिल्म का 'मधुबन में राधिका नाचे', 'आर-पार' (1954) का 'कभी आर-कभी पार' और 1956 में आई 'सीआईडी' का गीत 'यह है बॉम्बे मेरी जान' शामिल हैं। अभिनेता-निर्देशक गुरु दत्त 1950 के दशक में कुमकुम को फिल्मी दुनिया में लाए थे। उन्होंने ही 'आर-पार' गाने में उन्हें मौका दिया था। इसके बाद उन्होंने दत्त की फिल्म 'प्यासा' में छोटी सी भूमिका की थीं।


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    Comments

    • RIP

      Commented by :Amit Kumar Uttarkashi
      29-07-2020 21:17:09

    • Nice

      Commented by :Aditya Yadav
      29-07-2020 16:24:46

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