कंगना के ऑफिस को तोड़ने के मामले में बॉम्बे HC ने BMC को लगाई फटकार

Medhajnews 24 Sep 20 , 16:05:08 Entertainment Viewed : 966 Times
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मुंबई: बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत के दफ्तर को तोड़े जाने के मामले में सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने शिवसेना सांसद और प्रवक्ता संजय राउत से जवाब दाखिल करने को कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने बीएमसी को फटकार लगाते हुए कहा कि इमारत को तोड़कर उसे नहीं छोड़ा जा सकता है। इस मामले में शुक्रवार से सुनवाई शुरू होगी। कोर्ट ने कहा कि दफ्तर का एक हिस्सा गिराया जा चुका है और बारिश की वजह से सुनवाई को टाला नहीं जा सकता है। कोर्ट ने दायर संशोधित याचिका में रिस्पॉन्डेंट्स के नाम पर भी नाराजगी व्यक्त की। कोर्ट ने याचिका को और संशोधित करने की अनुमति दे दी है और शुक्रवार, 25 सितंबर को दोपहर 3 बजे सुनवाई का समय तय किया है।



जस्टिस एस जे कथावाला और जस्टिस आर आई चागला की डिवीजन बेंच को याचिका पर सुनवाई के दौरान वकील प्रदीप जे थोराट द्वारा बताया गया कि वे संजय राउत की ओर से पेश हो रहे हैं और उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए समय की आवश्यकता है क्योंकि उन्हें गुरुवार सुबह ही याचिकाएं मिली हैं।



थोराट ने आगे कहा कि संजय राउत चूंकि संसद के सदस्य हैं और इस समय संसद सत्र की वजह से दिल्ली में होने के चलते निर्देश देने के लिए उपलब्ध नहीं है तो उन्हें कोर्ट द्वारा और समय दिया जाना चाहिए। इसके बाद याचिका पर सुनवाई होनी चाहिए। वहीं, बीएमसी के वरिष्ठ वकील अनिल साखरे ने भी भाग्यवंत लाते की ओर से और अधिक समय की मांग की। पिछली सुनवाई में हाई कोर्ट ने बीएमसी के एच-वेस्ट वॉर्ड के अधिकारी भाग्यवंत लाते को अभियोजित करने यानी पार्टी बनाने की इजाजत एक्ट्रेस को दी थी। 



सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि बंगले के एक हिस्से को गिराया जा चुका है और मुंबई में हो रही भारी बारिश की वजह से याचिका पर सुनवाई को और नहीं टाला जा सकता है। बेंच ने कहा, ''हम धवस्त हो चुके घर को ऐसे ही नहीं छोड़ सकते हैं। आपको यहां पर ज्यादा समय चाहिए, लेकिन बाकी आप बहुत तेज हैं।'' कोर्ट ने थोराट को राउत की ओर से जवाब दाखिल करने की अनुमति दी।



बताते चले कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद कंगना रनौत ने मुंबई पुलिस पर निशाना साधना शुरू कर दिया था। इस दौरान, उन्होंने मुंबई की तुलना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से कर दी थी, जिसके बाद उनके और शिवसेना सांसद संजय राउत के बीच बयानबाजी का दौर शुरू हो गया था। नौ सितंबर को बीएमसी ने कंगना के दफ्तर के एक हिस्से को अवैध बताते हुए तोड़ दिया था। हालांकि, कंगना द्वारा दायर याचिका में कोर्ट ने रोक लगा दी थी, लेकिन तब तक बीएमसी एक हिस्से को तोड़ चुकी थी। रनौत ने दफ्तर तोड़े जाने की कार्रवाई को अवैध बताते हुए बीएमसी और उसके अधिकारियों से दो करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है।


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    Comments

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      Commented by :Aslam
      24-09-2020 22:36:34

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      Commented by :Ajeetkumar
      24-09-2020 17:08:52

    • All BMC employee who were present in this case should ne terminated also.

      Commented by :Rajeev Kumar
      24-09-2020 16:27:47

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